मोदी सरकार पर भारतीय रिजर्व बैंक की स्वायत्तता खत्म करने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा के दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों प्रेमकुमार धूमल और शांताकुमार से पूछा है कि वे बताएं कि नोटबंदी से भारत और हिमाचल के लोगों को किस तरह का लाभ मिला?
प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष एवं राज्य महासचिव नरेश चौहान ने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी 23 जनवरी को 11 बजे शिमला में रिजर्व बैंक के कार्यालय के बाहर धरना देगी। चौहान ने वीरवार को राजीव भवन शिमला में पत्रकार वार्ता की।
कहा कि नोटबंदी से देश के लोगों का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने का प्रयास किया गया है। बड़ा दुखद है कि रिजर्व बैंक के नए गवर्नर संसदीय कमेटी के समक्ष खुलासा नहीं कर पाए कि नोटबंदी के बाद कितना पैसा वापस आया है।
आरबीआई एक स्वायत्त संस्था थी, मगर ये वैसा कर रही है जैसा मोदी चाहते हैं। कहा कि जब नोटबंदी का फैसला लिया गया था तो भाजपा नेता प्रेमकुमार धूमल और शांताकुमार भी बता रहे थे कि इससे आम लोगों को बहुत फायदा होगा।
आज कांग्रेस और हिमाचल की आम जनता दोनों बड़े नेताओं से जानना चाहती है कि इससे क्या लाभ हुआ। इससे लोगों को जो असुविधा हुई है, उसके लिए कौन जिम्मेवार है। क्या इसका मुआवजा नहीं मिलना चाहिए।
चौहान ने कहा कि इस फैसले के बाद बेरोजगारी बढ़ी है, निर्यात घटा है और भी आम आदमी का हर तरह से नुकसान हुआ है। इस दौरान कोषाध्यक्ष सुरेंद्र चौहान और पीसीसी सचिव महेश शर्मा भी मौजूद रहे।