जिला चंबा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सिल्लाघ्राट से जमा दो की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले चिंतन शर्मा ने कला संकाय की मेरिट सूची में चौथा स्थान हासिल किया है। वह दर्जी के बेटे हैं। चिंतन रोजाना दो घंटे की चढ़ाई चढ़कर स्कूल पहुंचते थे। समय पर स्कूल पहुंचने के लिए घर से सुबह साढ़े सात बजे निकलना पड़ता था। शाम को वापस घर छह बजे पहुंचते थे। सर्दियों में घर पहुंचते अंधेरा हो जाता था।
पिता करते हैं दर्जी का काम
वहीं, चिंतन की इस कामयाबी से स्कूल प्रशासन भी खुश हैं। परिजनों में भी खुशी की लहर है। चिंतन के पिता रत्तो राम दर्जी का काम करते हैं। इस पेशे से अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। चिंतन की इस उपलब्धि पर पिता बेहद खुश हैं। उन्हें अपने बेटे पर फख्र है। माता महेशो खुशी से फूले ही नहीं समा रही हैं। बेटे की कामयाबी पर रिश्तेदार बधाई देने के लिए पहुंच रहे हैं। घर में लोगों का तांता लग गया है।
अध्यापक बनना चाहते हैं चिंतन
चिंतन ने जमा दो की पढ़ाई के लिए काफी सफर पैदल तय किया है। चिंतन ग्राम पंचायत चंबी के गांव अबोहर के रहने वाले हैं। कला संकाय की मेरिट में चौथा स्थान हासिल करने वाले सिल्लाघ्राट के छात्र चिंतन शर्मा ने कहा कि वे अध्यापक बनना चाहते हैं। कहा कि भाई से उन्हें समय-समय पर प्रेरणा मिलती रही। उन्होंने अपने कामयाबी का श्रेय अपने अध्यापकों, माता पिता और बुजुर्गों को दिया है। वे अध्यापक बनकर शिक्षा स्तर को मजबूत करेंगे। स्कूल प्रधानाचार्य भूपिंद्र सिंह ने चिंतन को बधाई दी है।