हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के दौरान गुरुवार को शून्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सोशल मीडिया पर टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी का मुद्दा भी उठा। गगरेट के विधायक राकेश कालिया ने शून्यकाल में इस मसले को उठाते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने के अनिल डढवाल की गिरफ्तारी हुई है। यह अभिव्यक्ति का प्रश्न है। पहले अनिल को पुलिस ने बताया कि यह जमानती अपराध है और जब वह दिल्ली गए तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि इस मसले को दिल्ली पुलिस के समक्ष उठाया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे तो प्रदेश में मुख्यमंत्री के बारे में सोशल मीडिया पर कई प्रकार के पोस्ट किए जाते हैं। यदि दिल्ली पुलिस ऐसे मामलों में कार्रवाई करेगी तो प्रदेश सरकार भी इस तरह के मामलों में कार्रवाई करेगी। चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने राकेश कालिया की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि युवाओं पर केस किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट को इतना बड़ा अपराध बना दिया गया। सरकार के कार्यों की आलोचना करना लोगों का अधिकार है। इससे पहले भी दिल्ली पुलिस एआई समिट में प्रदर्शन के मामले में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर चुकी है। इस तरह की कार्रवाई पूरी तरह से गलत है। प्रदेश सरकार को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए।