राज्यपाल के बजट अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री मुख्यमंत्री सुक्खू के खिलाफ विपक्ष की ओर से लाए गए प्रिविलेज मोशन को लेकर आक्रामक दिखे। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार ऐसा हुआ है कि मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाया गया है। उन्होंने भाजपा सरकार में कांग्रेस के छह विधायकों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार ऐसा हुआ कि सदन के भीतर विधायकों की कार्यप्रणाली पर एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से पूछा कि उन्होंने किस कानून के तहत ऐसा किया। पूरे मसले को लेकर डिप्टी सीएम और नेता प्रतिपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। मुकेश ने कहा कि पहले कांग्रेस के छह विधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया गया, गेट से बाहर कर दिया गया और फिर एफआईआर करवाई गई। विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि इसको लेकर रुलिंग चाहता हूं। सदन में विधायक के खिलाफ एफआईआर हो सकती है या नहीं। जब नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्यपाल को खतरा था, तो उन्होंने कहा कि सदन में चार से पांच बार चुनकर आए सदस्य थे, कोई आतंकवादी नहीं थे। सदन के भीतर पुलिस ने कैसे प्रवेश किया। मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने भी खड़े होकर उप मुख्यमंत्री की बातों का समर्थन किया।