भाजपा ने हिमकेयर में लोगों की आंखों में डाले एक्सपायरी डेट के लैंस : सीएम
नेता प्रतिपक्ष की ओर से सदन में उठाए गए हिमकेयर मामले पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि इस मामले की विजिलेंस जांच के आदेशों के बाद विपक्ष बौखला गया है। भाजपा ने अपने समय में हिमकेयर में लोगों की आंखों में एक्सपायरी डेट के लैंस लगवा दिए। योजना को लेकर हमने आंतरिक ऑडिट करवाया, जिसकी रिपोर्ट में पता चला कि हिमकेयर के तहत 1100 करोड़ की पेमेंट हुई और 100 करोड़ का घोटाला हुआ है। निजी अस्पतालों को भी योजना में शामिल करवाया गया। इस रिपोर्ट के आधार पर विजिलेंस जांच करवाई जा रही है। कोई और भी घोटाला होगा तो उसकी भी जांच करवाएंगे और दोषियों को जेल में डालेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लोगों के हित में सरकार हिमकेयर की तर्ज पर नई योजना लाने पर विचार कर रही है। हिमकेयर के तहत साल में चार बार कार्ड बनाने की व्यवस्था भी हमने ही शुरू की है। हमारी सरकार के समय भी यदि योजना में किसी तरह की अनियमितताएं बरती गईं होंगी तो उनकी भी जांच करवाई जाएगी। दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।
सिटिंग जज से करवाएं घोटाले की जांच, माफी मांगें मुख्यमंत्री : जयराम
हिमकेयर पर मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए बयान पर नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आधिकारिक आंकड़ा है कि भाजपा सरकार के समय हिमकेयर पर 441 करोड़ खर्च हुए और मुख्यमंत्री आरोप लगा रहे हैं कि 1100 करोड़ का घोटाला हुआ। सुनियोजित षड्यंत्र के तहत हमारी छवि खराब करने और हिमकेयर योजना को बंद करने के लिए मुख्यमंत्री बेबुनियाद झूठ बोल रहे हैं। कांग्रेस सरकार में हिमकेयर पर 972 करोड़ खर्च हुए हैं, जिसमें से 400 करोड़ की पेमेंट पेंडिंग है। भाजपा सरकार के समय योजना के तहत एक रोगी पर औसत खर्च 11,000 रुपये था, कांग्रेस सरकार में एक रोगी पर 14,000 औसत खर्चा हो रहा है। हिमकेयर योजना की कामयाबी को देखते हुए प्रधानमंत्री ने देश के सभी मुख्यमंत्रियों के सामने इसकी प्रेजेंटेशन करवाई थी, जिससे यह मॉडल अन्य प्रदेशों में भी लागू हो सके। मुख्यमंत्री ने राजनीतिक द्वेष की भावना से इस योजना को बदनाम करने की कोशिश की। इसके लिए प्रदेश के लोग सीएम को कभी माफ नहीं करेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विजिलेंस के बजाय सरकार इस मामले की जांच उच्च न्यायालय के सेवारत न्यायाधीश से करवाएं और सारे आंकड़े प्रदेश के सामने रखें।
डेढ़ साल से कुर्सी और टेबल के लिए टेंडर नहीं हो रहे, स्वास्थ्य सेवाओं की हालत खराब : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि डेढ़ साल से कुर्सी और टेबल के लिए टेंडर नहीं हो रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं की हालत खराब है। वहीं, इस पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने हस्तक्षेप कर कहा कि केंद्र सरकार की एजेंसी एचएलएम को टेंडर दिए गए, पर वह छोटे काम नहीं लेती। दोनों में इस पर खूब नोकझोंक हुई। जयराम ठाकुर ने स्वास्थ्य विभाग की मांगों पर लाए कटौती प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि बातों से कभी आगे नहीं बढ़ा जा सकता है। आईजीएमसी शिमला में थायराइड टेस्ट नहीं हो रहे हैं। आईजीएमसी शिमला में पीलिया के टेस्ट नहीं होने, आईजीएमसी में दवाएं नहीं मिलने, हिमकेयर के मरीजों के वापस लौटने जैसे मुद्दे पिछले कुछ समय से चर्चा में हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में इतने मेडिकल कॉलेज हैं। चंबा, नाहन और मंडी के मेडिकल कॉलेज अगर जमीन पर खड़े हुए तो केंद्र की भाजपा सरकार का बड़ा योगदान है। उन्होंने पूछा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्या कर रही है। वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह असत्य बोल रहे हैं। फर्नीचर के टेंडर चंबा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के एचएलएम को दिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि क्या टेंडर दे दिए हैं। चंबा से पता कर लें। अब देना है, तब देना है। यही बात हो रही है। इस कटौती प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर शनिवार को भी अपनी बात जारी रखेंगे।
हिमकेयर योजना से संबंधित अस्पतालों पर 391.27 करोड़ की देनदारी
हिमाचल में हिमकेयर योजना के तहत 4.33 लाख और सहारा योजना के 37,819 लाभार्थी है। बीते तीन वर्षों में 21 जनवरी, 2026 तक हिमकेयर योजना में 2,23,282 नए परिवारों और सहारा में 13,384 नए लाभार्थी जोड़े गए। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने यह जानकारी भाजपा विधायक जीतराम कटवाल और लोकेंद्र कुमार की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि हिमकेयर योजना से संबंधित अस्पतालों पर वर्तमान में 391.27 करोड़ की देनदारी है। सहारा योजना के तहत लाभार्थियों को नियमित पेंशन दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हिमकेयर योजना के तहत पित्त की बीमारी का इलाज भी हो रहा है। हिमकेयर योजना के तहत पित्त की बीमारी से ग्रसित 72 और आयुष्मान योजना के तहत 56 मरीजों का उपचार किया गया।
63 सड़कों के निर्माण कार्य एफडीआर तकनीक से
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तीसरे चरण में 63 सड़कों का निर्माण कार्य एफडीआर तकनीक से किया जा रहा है। इन कार्यों के लिए 676.42 करोड़ की राशि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से स्वीकृत की गई। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यह जानकारी विधायक सुरेंद्र शौरी की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। मंत्री ने बताया कि इन सड़कों की गुणवत्ता की जांच ग्रामीण मंत्रालय की ओर से की जाती है। बंजार विधानसभा क्षेत्र में पीएमजीएसवाई चरण तीन में 4 सड़कों के निर्माण कार्य स्वीकृत हुए हैं।
पीएम आवास योजना में प्रदेश में 38,421 का काम अभी अधूरा
बीते तीन वर्षों से 1 जनवरी, 2026 तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 81,897 आवास स्वीकृत हुए हैं, जिसमें 43,476 आवासों का काम पूरा हो चुका है। 38,421 का काम अभी अधूरा है। पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने यह जानकारी भाजपा विधायक सुखराम चौधरी, रणधीर शर्मा और प्रकाश राणा की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार से 1 जनवरी, 2026 तक कोई लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है।
घाटे में चल रहे हिमाचल में एचआरटीसी के 127 रूट बंद
प्रदेश सरकार ने घाटे में चल रहे एचआरटीसी के 127 रूटों को बंद कर दिया है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री मुकेश अग्निहोत्री ने यह जानकारी भाजपा विधायक विनोद कुमार की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि बंद किए गए रूटों में से 34 रूटों को प्राइवेट ऑपरेटरों को दिया गया है। उन्होंने कहा कि रूटों का मूल्यांकन किया जाता है।
निर्धारित मापदंडों पर ही कार्यों का आवंटन : विक्रमादित्य
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि ठेकेदारों को निर्धारित मापदंडों से अधिक कार्य का आवंटन नहीं किया जा सकता है। नियमों के तहत ठेके आवंटित होते हैं। हिमाचल में ए, बी और सी ठेकेदारों को काम आवंटित करने के लिए नियम और कानून बनाए गए हैं। 29 अक्तूबर को 2025 को इस बारे में पत्र जारी किया गया है। उन्होंने यह जानकारी भाजपा विधायक बलबीर सिंह वर्मा की ओर से पूछे गए लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
70 में से 19 आदर्श अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट
स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि हिमाचल के 70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में से 19 संस्थानों में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति की गई है। संस्थानों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह जानकारी भाजपा विधायक दीप राज की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि सीटी स्कैन की सुविधा भी पीपीपी मोड पर उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य संस्थानों में सीटी और अल्ट्रासाउंड की मशीनें लगाने के लिए सरकार प्रयासरत है।