केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने ग्रेट हिमाचल पार्क पर हिमाचल प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। इसको लेकर दो दिन पहले ही एक पत्र प्रदेश सरकार को भेजा है, जिसमें पूछा गया कि केंद्र की ओर से दिए जाने वाले बजट का कहां और कैसे इस्तेमाल किया गया है।
अब सरकार की ओर की ओर से जंगलात महकमे से रिकार्ड मंगाकर केंद्र को भेजा जाएगा। दरअसल 2006 से केंद्र पार्क के आसपास के लगभग 600 गांवों की आजीविका और अन्य गतिविधियों के लिए बजट जारी कर रहा था।
पिछले आठ साल में लगभग 501 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है, लेकिन इस बजट को किस तौर पर खर्च किया गया है इसका उपयोग किस तरह किया गया, इसके बारे में मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश सरकार से पूरा रिकार्ड तलब किया है।
इससे यह पता चल सकेगा कि बजट को वास्तव में सही खर्च किया गया अथवा नहीं। अब प्रदेश सरकार की ओर से इस पत्र के आधार पर हिमाचल प्रदेश जंगलात महकमे की ओर से पूरा रिकार्ड मांगा जाएगा। रिकार्ड मिलने के बाद इसे केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजने की बात की जा रही है।