गैर पंजीकृत नर्सरियों के पौधे बेचने वालों के खिलाफ उद्यान विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा। विभाग ने इसे लेकर फील्ड अफसरों को निर्देश जारी कर दिए हैं। उद्यान विकास अधिकारी (एचडीओ) और विषय विशेषज्ञ (एसएमएस) को जारी निर्देशों में पौधे बेचने वालों का निरीक्षण कर गैर पंजीकृत नर्सरियों के पौधे बेचने वालों के पौधे जब्त कर मौके पर ही नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। अप्रमाणित रोग ग्रस्त पौधों के कारण सेब के बागीचों में बीमारी फैलने के अंदेशे के चलते कड़ाई बरतने का फैसला लिया गया है।
सर्दी के मौसम में बागवान सेब के नए बागीचे लगा रहे हैं। नई वैरायटी के पौधे हासिल करने के लिए बागवानों में जमकर होड़ मची है। ऐसे में बागवानों के साथ नए वैरायटी के नाम पर धोखे का खतरा भी बढ़ गया है। अप्रमाणित नर्सरियों के पौधों को नई वैरायटी का नाम देकर खुले बाजार में बेचा जा रहा है। सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से नई वैरायटी का प्रचार प्रसार किया जा रहा है। पौधों की कीमत के नाम पर बागवानों से मनमानी वसूली की जा रही है और खरीददारों को पक्का बिल भी नहीं दिया जा रहा।
बागीचों में नए पौधे लगाने की अंधी दौड़ बागवानों के लिए नुकसान का सबब बन सकती है। अप्रमाणित नर्सरियों के रोग ग्रस्त पौधों से पूरे बागीचे तबाह होने का खतरा रहता है। शिमला जिले में कई स्थानों पर उद्यान विभाग से लाइसेंस लिए बिना ही लोगों ने नर्सरियां लगा दी हैं। प्रमाणित नर्सरी के कागज दिखाकर अप्रमाणित नर्सरी के पौध बेचने के मामले भी सामने आ रहे हैं। बीते साल सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद उद्यान विभाग ने विदेशों से पौधे आयात करने वाली तीन नर्सरियों के प्रमाण पत्र रद कर दिए थे।
उद्यान विभाग के उप निदेशक डॉ. डीआर शर्मा ने बताया कि फील्ड अफसरों को गैर पंजीकृत नर्सरी के पौधे बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। नई वैरायटी के नाम पर बागवानों के साथ धोखा हो सकता है। बागवानों को बागवानी विभाग, नौणी विश्वविद्यालय, केंद्र सरकार के कृषि अनुसंधान केंद्र या प्रमाणित नर्सरी से ही पौधे खरीदने चाहिए।
यह हैं पौधे बेचने का नियम
हिमाचल प्रदेश नर्सरी एक्ट में किसी भी फल की नर्सरी का पहले उद्यान विभाग से पंजीकरण करवाना जरूरी है। उद्यान विभाग की टीम समय-समय पर नर्सरी का निरीक्षण करती है और बीमारियों की जांच की जाती है। रोग ग्रस्त पौधों को नर्सरी में ही नष्ट करवाया जाता है ताकि यह पौधे बागीचों में न लगें और बीमारियां न फैलें।