धर्मगुरु दलाई लामा के सिक्किम दौरे का कार्यक्रम एक बार फिर तय हो गया है। बौद्ध धर्मगुरु चीन सीमा से करीब सिक्किम की राजधानी गंगटोक में 12 दिसंबर को अनुयायियों को धर्म, शांति और विश्व कल्याण का पाठ पढ़ाएंगे। दलाई लामा कार्यालय ने उनकी अधिकृत वेबसाइट में धर्मगुरु के सिक्किम दौरे का शेड्यूल जारी कर दिया है। 29 दिसंबर से धर्म गुरु का बोध गया बिहार का प्रवास का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
जारी शेड्यूल के अनुसार गंगटोक के पलजोर स्टेडियम में 12 दिसंबर को धर्मगुरु का टीचिंग कार्यक्रम होगा। धर्म गुरु आचार्य ज्ञालसे थोकमे संगपो रचित बोधिसत्वों के 37 अभ्यास नामक ग्रंथ पर प्रवचन देंगे। इस बीच, धर्मगुरु दलाई लामा के दौरे से उत्साहित सिक्किम सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस सिलसिले में मंगलवार को सिक्किम के मुख्य सचिव ने तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की।
सिक्किम सरकार के अनुसार धर्मगुरु का 11 से 14 दिसंबर तक 4 दिवसीय प्रवास प्रस्तावित है। हालांकि, वेबसाइट पर जारी शेड्यूल के अनुसार दलाई लामा 14 दिसंबर को पश्चिम बंगाल के सालूगाड़ा स्थित मोनेस्ट्री में आयोजित होने वाले जनरल टीचिंग कार्यक्रम में भाग लेंगे। सिक्किम सरकार धर्म गुरु के प्रवास को लेकर उत्साहित है।
सीएम प्रेम सिंह तमांग अप्रैल में दलाईलामा से दिल्ली में मिले थे। इसके बाद दो दिन पहले अपनी सरकार के दस अफसरों संग धर्मशाला में दलाईलामा से उनके निवास पर मुलाकात की थी। इसी कड़ी में अक्तूबर में धर्म गुरु दलाई लाम का सिक्किम दौरा तय हो गया था। उन्हें 11 से पांच दिवसीय दौरे पर सिक्किम जाना था। बाद में सिक्किम में आई बाढ़ और धर्म गुरु को खांसी-जुकाम की शिकायत के चलते यह दौरा रद्द कर दिया गया था।
चीन की आपत्तियां दरकिनार प्रतिक्रिया का है अभी इंतजार
चीन और भारत के बीच लगातार चल रहे सीमा विवाद के बीच करीब 13 साल बाद धर्म गुरु का सिक्किम दौरा कूटनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। चीन धर्मगुरु का धुर विरोधी है। सीमा से लगे क्षेत्रों में धर्म गुरु के कार्यक्रमों पर चीन कड़ी प्रतिक्रियाएं और आपत्ति जताता रहा है। इससे पहले धर्मगुरु के दौरे से बौखलाए चीन ने एक वेबसाइट के जरिये अरुणाचल को अपना हिस्सा तक करार दे दिया था। अब सीमा से सटे सिक्किम में दलाई लामा के प्रवास को लेकर चीन के रुख और प्रतिक्रिया का इंतजार है।