वहीं, रिज मैदान पर आयोजित सरस आजीविका मेले में बुशैहर दिव्यांग स्वयं सहायता समूह को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। इस समूह की आय सरस मेले में लगभग तीन लाख रुपये के करीब रही। द्वितीय पुरस्कार सारथी स्वयं सहायता समूह हरियाणा को मिला, इस समूह ने एक लाख 70 हजार रुपये कमाए। इसके अलावा एक लाख 50 हजार रुपये अर्जित करने पर न्यू आजीविका स्वयं सहायता समूह हमीरपुर को तृतीय पुरस्कार मिला। गेयटी थियेटर में आयोजित समापन समारोह में इन समूहों को पुरस्कृत किया गया। समारोह की अध्यक्षता जिला ग्रामीण अभिकरण विभाग के उपनिदेशक एवं परियोजना अधिकारी संजय भगवती ने की।
उन्होंने कहा कि मेलों में स्वयं सहायता समूहों को अपने हस्त निर्मित, पारंपरिक और ग्रामीण उत्पादों को बेचने के लिए मंच मिला है। संजय शनिवार को सरस आजीविका मेले के समापन समारोह में बोल रहे थे। मेले में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को लगभग 40 लाख रुपये की आय हुई। मेले प्रदेश के नौ जिलों के अतिरिक्त देश के 13 अन्य राज्यों के स्वयं सहायता समूह ने भाग लिया। इस अवसर पर परियोजना निदेशक एवं जिला मिशन प्रबंधक राष्ट्रीय आजीविका मिशन नरेश शर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक रुचि ठाकुर और विकास अधिकारी (महिला कार्यक्रम) साधना चौहान मौजूद रही।