लंबे समय से प्लॉट और फ्लैट की राह देख रहे 68 हजार आवेदकों के लिए राहत भरी खबर है। हिमुडा ने इन लोगों को फ्लैट और प्लॉट देने के लिए जमीन की तलाश कर ली है। इसके लिए प्रदेश में 25 साइटों को फाइनल किया गया है। विभिन्न क्षेत्रों में 80 जमीन मालिकों ने हिमुडा को जमीन देने की हामी भर दी है।
अब उपायुक्त की अध्यक्षता में हिमुडा और जमीन मालिकों के बीच जमीन की कीमत तय होगी। भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान हिमुडा ने लोगों से प्लॉट और फ्लैट के लिए आवेदन मांगे थे। हिमाचल और बाहरी राज्यों के करीब 68 हजार लोगों ने हिमुडा कार्यालय में आवेदन किए थे।
आवेदन के साथ 5000 रुपये सिक्योरिटी के तौर पर लिए गए। चार साल के बाद भी आवेदकों को न तो प्लॉट मिले और न ही फ्लैट। अब हिमुडा ने प्रदेश में 30 हजार के करीब बीघा जमीन चयनित की है। हिमुडा की कवायद सिरे चढ़ती है तो हजारों आवेदकों को लाभ मिलेगा।
इन जगहों में फाइनल की जमीन
हिमुडा की सिलेक्ट कमेटी ने पालमपुर, सराह (धर्मशाला), अथवान (ऊना), शलाकन (सोलन), घनयार (सिरमौर), साधु पुल (सोलन), सोहाला एवं पच्छाद (सिरमौर), झाड़माजरी (बद्दी), नालागढ़, बड़ियात (बिलासपुर)।
कुठाकर (घुमारवीं), रतोली एवं बलद्वाड़ा (मंडी), शील, धर्मपुर, जुब्बड़हट्टी (सोलन), धामी, रामपुर (शिमला) कंडाघाट, कोठी (सोलन), कुंडलू (कसौली), बीलावली (नालागढ़), चक्की मोड (कसौली), अंजी, शलाहू (सोलन), बोह, डीपीएफ भराड़ी (शिमला), दिहारीघाट, रेहाद और फशकाना (सोलन) में जमीन चिन्हित की है।
पीपीपी मोड पर होगा निर्माण : सुधीर
शहरी आवास मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि डिमांड सर्वे के मुताबिक जिन लोगों ने प्लॉट और फ्लैट के लिए आवेदन किया है, उनके लिए कुछ जगह चिन्हित की गई है। पीपीपी मोड पर कॉलोनियों का निर्माण किया जाना है। हिमुडा को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
लगातार किया जा रहा निरीक्षण : सीईओ
हिमुडा के सीईओ दिनेश कश्यप ने बताया कि कमेटी ने विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर 25 जगहों को चिन्हित किया है। जमीन की खरीदारी होनी है। इसकी प्रक्रिया जारी है।