जमीन की कीमत की 10 से 25 फीसदी राशि सिक्योरिटी मनी के रूप में देने के बाद ही अब हिमाचल में फ्लैट या प्लाट मिल सकेंगे। प्रदेश सरकार की एजेंसी हिमुडा ने प्लाट और फ्लैट के लिए सिक्योरिटी राशि में बदलाव कर दिया है।
पुराने अनुभव से सबक लेते हुए हिमुडा ने निर्णय लिया है कि भूमि फाइनल होने के बाद ही वहां बनने वाले प्लाट या फ्लैट के लिए आवेदन लिए जाएंगे। यह बदलाव भविष्य के लिए किया गया है। पहले लिए आवेदनों पर पुराने नियम ही लागू होंगे।
करीब चार साल पहले डिमांड ऑफ सर्वे में प्रदेश के लगभग 60 हजार लोगों ने फ्लैट व प्लाट के लिए आवेदन किए हैं। इन लोगों से हिमुडा ने 5000 रुपये सिक्योरिटी ली है। यह हिमुडा के लिए गले की फांस बन गया है। हिमुडा इन लोगों को न प्लाट दे सकी है और न ही फ्लैट।
वजह प्रदेश में जमीन नहीं मिलना है। इसी से सबक लेते हुए हिमुडा ने पहले जमीन फाइनल करने के बाद ही आवेदन लेने का निर्णय लिया है। शहरी आवास मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि डिमांड ऑफ सर्वे के मुताबिक आवेदकों को प्लॉट और फ्लैट मिलेंगे। अब लोगों से तभी सिक्योरिटी ली जाएगी, जब जमीन फाइनल होगी। जमीन की कीमत की 10 से 25 फीसदी सिक्योरिटी रहेगी।
कई जगह जमीन फाइनल
डिमांड आफ सर्वे के तहत हिमुडा ने सोलन के शील गांव, शिमला के जाठिया देवी में जमीन फाइनल की है। अब डीसी के पास नेगोसिएशन होना बाकी है। हमीरपुर, नूरपुर, परवाणू, शिमला में जमीनें फाइनल कर ली हैं।