हिमाचल प्रदेश खेल विधेयक पर रविवार को राज्य सरकार ने राज्यपाल कल्याण सिंह से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान राज्यपाल से खेल विधेयक को ग्रीन सिग्नल दिखाने का अनुरोध किया गया। इस दौरान उन्हें खेल विधेयक की खासियत के बारे में भी जानकारी दी गई। हालांकि मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने राज्यपाल मुलाकात को महज एक शिष्टाचार भेंट करार दिया।
एचपीसीए के पदाधिकारियों के मिलने के बाद राजभवन ने सरकार से कुछ सवाल दागे थे। राजभवन के इस कदम से सरकार हरकत में आई। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में रविवार को सात मंत्री राज्यपाल कल्याण सिंह से मिले। इस दौरान खेल विधेयक को जल्द से जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया गया।
इस विधेयक के महत्वपूर्ण बिंदुओं से भी अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री और मंत्रियों की कल्याण सिंह से तकरीबन आधे घंटे तक मुलाकात हुई। इस दौरान की स्थिति पर भी चर्चा हुई। वीरभद्र सिंह के अलावा आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स, ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया, वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री, ग्रामीण विकास मंत्री अनिल शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनी राम शांडिल्य मौजूद रहे। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह, परिवहन मंत्री जीएस बाली सहित अन्य कई मंत्री मौजूद नहीं रहे।
राज्यपाल से मुलाकात महज एक शिष्टाचार भेंट थी। खेल विधेयक पर कोई चर्चा नहीं हुई। खेल विधेयक केवल एक के लिए नहीं बल्कि प्रदेश के 42 खेल एसोसिएशन को रेगुलेट करने के लिए है। राजभवन की ओर से विधेयक पर जो सवाल किए गए हैं, उस पर सरकार की ओर से जवाब दिया जाएगा।
- वीरभद्र सिंह, मुख्यमंत्री (राजभवन से बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए)