सेब की पौध लगाकर पेड़ों से फल तो सभी लेते हैं, लेकिन हिमाचल के एक बागवान ने पहली बार जमीन के नीचे ही हर्बल सेब तैयार कर दिया है। जमीन में सेब का बीज डाला और नौ माह बाद आलू की तरह फल तैयार हो गया। जमीन से निकालकर धोने के बाद इसे खाया जा सकता है।
भूमिगत सेब (ग्राउंड एप्पल) सामान्य फल की तरह नहीं, कंदमूल जैसा दिखता है। लेकिन इसका स्वाद लाजवाब है। यह क्रंची व पौष्टिकता से भरपूर है। अभी तक इस तरह की सेब प्रजाति अमेरिका आदि देशों में ही उगाई जाती है।
जनजातीय जिला किन्नौर में कल्पा खंड के पूर्वणी के बागवान सत्यजीत नेगी ने छह बीघा जमीन पर पांच क्विंटल भूमिगत सेब उगाए हैं। कानून की डिग्री लेने के बावजूद सत्यजीत नेगी बागवानी पेशे से जुड़े हैं।
मौसम की मार और महंगे कीटनाशकों के चलते उन्होंने अपने खेतों में सेब की एक ऐसी प्रजाति उगा दी जो जमीन के भीतर फल देती है। नेपाल के एक बागवान की मदद से उन्होंने अमेरिका से इस वैराइटी का बीज मंगवाया।
मार्च 2016 में उन्होंने सेब बीज डाला और नवंबर-दिसंबर में सेब फसल तैयार हो गई। उनका दावा है कि अगर सेब को जमीन से दो-चार महीने देरी से भी निकालते हैं तो ये खराब नहीं होता। हिमाचल खासकर किन्नौर-लाहौल, उत्तराखंड और नेपाल का मौसम इसके लिए अनुकूल है।