हिमाचल प्रदेश में मेडिकल परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। अगले वित्तीय वर्ष से प्रदेश में एमबीबीएस की 100 सीटें और बढ़ जाएंगी। इससे सीटों की संख्या 300 हो जाएगी। हालांकि, इस अवधि में हिमाचल सरकार को संसाधन विकसित करने होंगे।
इसको लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज को 100-100 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया जाएगा। इस सिलसिले में पिछले माह ही मंत्रालय की ओर से प्रदेश को एक पत्र भेजा गया है।
सूबे में फिलहाल दो ही मेडिकल कॉलेज है। इन दोनों मेडिकल कॉलेजों के लिए महज 200 सीटें ही आवंटित हैं। अगले वित्तीय वर्ष से यह सीटें बढ़ाकर 300 करने की तैयारी है। हालांकि, केंद्र की पहल पर ही यह संभव हो रहा है। केंद्र ने कहा है कि पहले दोनों ही कॉलेजों में संसाधन विकसित किए जाए।
उसके बाद ही 300 सीटें की जा सकती है। इसके लिए केंद्र वित्तीय मदद करने को भी तैयार है। केंद्र के पत्र के जवाब में हिमाचल सरकार ने संसाधनों को विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे अगले सत्र से प्रदेश में हर हाल में 300 सीटें आवंटित हो सकें।
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विनीत चौधरी ने बताया कि केंद्र की ओर से भेजे गए पत्र के बाद सरकार ने एक्सरसाइज शुरू कर दी है।