इसी कड़ी में प्रदेश के करीब 500 अन्य स्कूलों को भी वोकेशनल शिक्षा के दायरे में लाया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में नर्सरी और केजी कक्षाएं शुरू करने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा।
नर्सरी-केजी कक्षाओं को जेबीटी से पढ़ाने या नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करने वाले शिक्षकों की भर्ती करने को लेकर हिमाचल सरकार केंद्र से चर्चा करेगी। साल 2017-18 के दौरान हिमाचल ने 834 करोड़ के बजट की केंद्र सरकार से मांग की थी।
केंद्र ने 408 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था। बुधवार को होने वाली बैठक में शिक्षा सचिव अरुण कुमार शर्मा के अलावा प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा, राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली भी मौजूद रहेंगे।