फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल: ब्यास में महिला का शव बरामद, नूरपुर में सात मकान क्षतिग्रस्त, सैंज में 50 बीघा जमीन में आईं दरारें

Sun, 21 Aug 2022 10:09 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी/धर्मशाला/कुल्लू

सार

नूरपुर की पंचायत खेल में शनिवार रात भारी बारिश से जमीन धंस गई, जिससे सात मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
विज्ञापन
नूरपुर में मकान क्षतिग्रस्त। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर लगातार जारी है। रविवार को मंडी जिले के संधोल में ब्यास से एक अज्ञात महिला का शव बरामद किया गया है। डीएसपी सरकाघाट ने बताया कि शव कब्जे में लेकर उसकी पहचान की जा रही है। वहीं नूरपुर की पंचायत खेल में शनिवार रात भारी बारिश से जमीन धंस गई, जिससे सात मकान क्षतिग्रस्त हो गए।

विज्ञापन


कुल्लू में सैंज के सुचैहण गांव में 50 बीघा जमीन में चार-पांच फीट गहरी दरारें आ गई हैं, जिससे एक दर्जन घरों में भी दरारें आ गई हैं और सेब के कई पौधे भी उखड़ गए। उधर, मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे पर चक्की पुल से बड़े वाहनों की आवाजाही दूसरे दिन भी बंद रही।

छोटे वाहनों के लिए पुल बहाल कर दिया। इस जगह चक्की खड्ड पर बना रेलवे का पुल शनिवार को बह गया था। दूसरी ओर, बलद्वाड़ा तहसील के धतोली गांव में अमीं चंद (49) पुत्र सरवन सिंह की आंगन में फिसलकर गिरने से मौत हो गई है। रविवार को भी राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश हुई।

विज्ञापन
विज्ञापन

हिमाचल में भूस्खलन से हुए नुकसान के आकलन के लिए दिल्ली से पहुंची टीम

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बाद भूस्खलन से हुए नुकसान के आकलन के लिए दिल्ली से टीम पहुंची है। एनएचएआई का दावा है कि पंजाब सीमा से लेकर मंडी तक लगभग 40 जगहों से मलबे को हटाकर मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु कर दिया है।

एनएचएआई का दावा है कि 24 घंटे के भीतर युद्ध स्तर पर कार्य कर 36 जगह से भूस्खलन हटाया गया है। मंडी-पठानकोट, शिमला-चंडीगढ़-मनाली और शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन से हाइवे पर भूस्खलन हो गया था।

एनएचएआई के मुताबिक कुठमां, चंबी, ठानपुरी, लधरूं, नागचला, छनाग, खानीनाला, घटासनी, उरला, गवाली, कोटरूपी, पधर, नारला और पाखरी के पास भारी भूस्खलन हो गया था। सबसे ज्यादा नुकसान कोटरूपी के पास हुआ है। लगभग 250 मीटर सड़क का हिस्सा बह गया है।

इस कारण सड़क के एक किनारे पर लगभग 40 मीटर की खाई बनी है। आठ जगह पर पेड़ गिरे हैं। चार सड़कों पर बहाली का कार्य प्रगति पर है। मंडी-पठानकोट, मंडी-चंडीगढ़ पर हुए भूस्खलन से बोल्डरों को हटाने के लिए ब्लास्टर यूनिट की दो टीमों सहित 222 मशीनरियां की तैनात की गई है। इसमें जेसीबी, डंम्पर, लोडर, रॉक ब्रेकर, ग्राडर, पोकलेन शामिल है। 

इधर, भूस्खलन से एनएच की सड़कों को हुए नुकसान के आकलन करने के लिए एनएचआई मुख्यालय से एक टीम आई है। उनके सुझावों से जल्द रिस्टोर किया जाएगा। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित ने बताया की एनएचएआई युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है। एनएच पर भूस्खलन से गिरे मलबे, चट्टानों को मशीनरियां लगाकर हटाया जा रहा है।

परियोजना निदेशक जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं। हिमाचल-पंजाब सीमा से लेकर कोटरूपी तक और पधर से मंडी तक सड़क पर हो रहे भूस्खलन, पेड़ों और पत्थरों को जेसीबी, पोकलेन और रॉक ब्रेकर लगाकर लगातार रूप से हटाया जा रहा है। कोटरूपी भूस्खलन की जगह पर भी युद्ध स्तर पर कार्य शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें