एनएच चंडीगढ़-मनाली पर सुबह और दोपहर को करीब दो घंटों तक छह मील, नौ मील और आठ मील के पास मलबा और चट्टानें आने के चलते यातायात बंद रहा। दोपहर बाद मार्ग बहाल हुआ। मंडी-पठानकोट एनएच अपरोच रोड के नजदीक भूस्खलन से सड़क पर पेड़ व मलबा गिर जाने से करीब एक घंटे तक बंद रहा। बिलासपुर में वीरवार देर रात हुई भारी बारिश से धर्मशाला-शिमला राजमार्ग पर मंगरोट पर भूस्खलन से होने से सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया था।
इस दौरान यातायात को चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर डायवर्ट किया गया। करीब 12:00 बजे इस मार्ग को बहाल किया गया। यह मार्ग करीब 6 घंटे बंद रहा। चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर भी बिलासपुर से लेकर घागस तक करीब आधा दर्जन जगहों पर भूस्खलन होने से आवाजाही प्रभावित रही। घुमारवीं-बिलासपुर मार्ग पर कंदरौर के पास एक तरफ से धंस गया है।
प्रदेश में भारी बारिश से नुकसान का सिलसिला थम नहीं रहा। उपमंडल चौपाल की पंचायत लिगजार में छठी में पढ़ने वाली छात्रा स्कूल से लौटते समय भूस्खलन की चपेट में आने से दलदल में फंस गई। सूचना के बाद परिजनों और गांव वालों ने बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना वीरवार शाम करीब साढ़े चार बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार सोनल (12) पुत्री प्रेम सिंह गांव जुबाचड (लिगजार) स्कूल से लौटते समय रास्ते में दलदल में फंस गई।
उसके साथ फंसी एक अन्य बच्ची दलदल से तुरंत निकल गई, लेकिन काफी कोशिश करने के बाद भी सोनल दलदल से बाहर नहीं निकल पा रही थी। इनके साथ अन्य स्कूली बच्चे थे। उन्होंने जुबाचड गांव में इसकी सूचना दी। बाद में गांव के लोगों व छात्रा के परिजनों ने सोनल को दलदल से निकाल लिया। छात्रा पूरी तरह सुरक्षित बताई जा रही है। सोनल के घर से स्कूल की दूरी करीब तीन किलोमीटर बताई जा रही है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शनिवार और रविवार को भी प्रदेश में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में 17 अगस्त तक मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है।
क्षेत्र बारिश मिलीमीटर में
बिलासपुर 160
ऊना 127
पांवटा साहिब 98
कांगड़ा 45
सुंदरनगर 44
मंडी 43
शिमला 38
धर्मशाला 37