बुधवार को नाहन, भुंतर, मंडी, चंबा, कल्पा, कांगड़ा, धौलाकुआं और बजौरा में बारिश दर्ज की गई। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की चोटियों पर भी ताजा बर्फबारी हुई। बारिश होने से मुख्यमंत्री की शाई रोपा में हुई जनसभा में भी खलल पड़ा। भारी बारिश के चलते उन्हें अपना भाषण बीच में ही रोकना पड़ा। धर्मशाला में शाम करीब 5 बजे तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। राजधानी शिमला में भी कुछ देर बारिश के साथ ओले गिरे। इसके बाद मौसम फिर साफ हो गया और धूप खिली। कांगड़ा जिले में दोपहर बाद मौसम खराब हुआ। पालमपुर सहित आसपास के क्षेत्र में भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई।
चंबा में दोपहर के समय तेज धूप ने लोगों के पसीने निकाले। छह मध्य पर्वतीय जिलों में एक जून तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में धूप खिली रहने की संभावना है। उच्च पर्वतीय जिलों किन्नौर और लाहौल-स्पीति में मौसम शुष्क बना रहेगा। उधर, मंगलवार देर रात चुराह उपमंडल के चांजू क्षेत्र की ग्राम पंचायत देहरा के गांव मौरा में भी ओलावृष्टि और तेज बारिश से नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी मक्की की फसल पूरी तरह से बह गई है। राजकीय मिडल स्कूल धार के खेल मैदान और आंगन में मलबा भर गया है। बुधवार स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।