भाजपा नेताओं ने कहा कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देनी वाली राज्य सरकार ईमानदार अधिकारियों को हाशिए पर धकेल रही है। आपराधिक घटनाओं पर कार्रवाई नहीं होने पर भाजपा ने मुख्यमंत्री सुक्खू से सत्ता छोड़ने की अपील भी की। प्रतिनिधिमंडल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा, सह प्रभारी संजय टंडन, राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन, सिकंदर कुमार, लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप, राजीव भारद्वाज सहित सभी विधायक उपस्थित रहे।
राज्यपाल से मिलने के बाद नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि 26 मई 2025 को मुख्यमंत्री ने प्रेसवार्ता करते हुए उच्च न्यायालय के निर्णय पर टिप्पणी कर न्यायालय की अवमानना की है। मुख्यमंत्री की ओर से दिया गया बयान उनकी हताशा और अहंकार को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विमल नेगी की मौत से जुड़े मामले में सबूतों से छेड़छाड़ न हो और इन्हें सुरक्षित किया जाए। उच्च न्यायालय में पुलिस महानिदेशक और अन्य की रिपोर्ट में सबूतों से छेड़छाड़ के स्पष्ट प्रमाण हैं। भाजपा ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। शिमला पुलिस अधीक्षक की ओर से उच्च अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की भी सीबीआई जांच होनी चाहिए। कांग्रेस सरकार की कार्यशैली और नीतियां संदेहास्पद हैं।