उधर, ऊना जिले की उपतहसील जोल के क्षेत्र में इन दिनों बढ़ती गर्मी के चलते किसान मक्की की फसल को बचाने के लिए खेतों में दिन-रात मेहनत करते नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में अच्छी बारिश नहीं होने के कारण खेतों की मिट्टी सूखने लगी है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में किसान सुबह जल्दी और देर शाम तक खेतों में सिंचाई कर मक्की की फसल में नमी बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। गांवों में कई किसान ट्यूबवेल, मोटर और पाइपों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचा रहे हैं। कुछ किसान ट्रैक्टर चालित पंपों का सहारा लेकर सिंचाई कर रहे हैं ताकि तेज धूप से फसल प्रभावित न हो। किसानों का कहना है कि मक्की की फसल इस समय बढ़वार के महत्वपूर्ण चरण में है और यदि समय पर पानी न मिले तो उत्पादन पर असर पड़ सकता है। किसान अमर सिंह का कहना है कि गर्मी लगातार बढ़ रही है और खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही है। उन्होंने बताया कि फसल को बचाने के लिए रोजाना सिंचाई करनी पड़ रही है। वहीं किसान अजय कुमार ने बताया कि मक्की की फसल अच्छी स्थिति में है, लेकिन पानी की कमी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश के कुछ भागों में 19 से 25 मई तक बारिश होने की संभावना है। 22 मई को मैदानी, मध्य व उच्च पर्वतीय कई क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। वहीं अगले 2-3 दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम व अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2-3 डिग्री की वृद्धि होने की संभावना है। इसके बाद बारिश की स्थिति में कई हिस्सों में तापमान गिरने के आसार हैं। मंगलवार को शिमला में तेज धूप के साथ हल्के बादल छाए रहे।