शिमला में पेड़ गिरने, भूस्खलन से भारी नुकसान
राजधानी शिमला में देर रात से जारी भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने और भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है। शहर के विकास नगर में पेड़ गिरने से एक भवन की छत टूट गई और सड़क भी बंद हो गई है। इसके अलावा टुटीकंडी में भी एक साथ आधा दर्जन से ज्यादा पेड़ गिरने से कई गाड़ियां चकनाचूर हो गईं। यहां सड़क भी बंद है। खालीनी में ढारा ढहने से 6 मजदूर बाल-बाल बच गए। तड़के सुबह करीब 4:00 बजे यह घटना हुई। शहर के विकासनगर की हिमुडा काॅलोनी में भी कार पर भूस्खलन हुआ है। साथ ही पेड़ भी ढह गया।
दुनेरा के समीप धंसा चंबा-पठानकोट हाईवे, वाहनों की आवाजाही ठप
चंबा-पठानकोट हाईवे दुनेरा के समीप धंसने से वाहनों की आवाजाही बंद पड़ गई है। इससे दोनों ओर गाड़ियों की लंबी लाइनें लग गईं। वहीं पवित्र मणिमहेश यात्रा पर पठानकोट से चंबा की ओर आ रहे श्रद्धालुओं की मुसीबतें बढ़ गई हैं। सड़क धंसने के दौरान एक टिपर वहां से गुजर रहा था। चालक ने ऐन मौके पर सड़क किनारे टिपर लगा दिया। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया। सड़क बंद होने पर लोग पैदल आवाजाही करते नजर आए। जिला में मूसलाधार बारिश से 24 सड़कें, 35 ट्रांसफार्मर और 18 पेयजल स्कीमें प्रभावित हुई हैं।
10 घंटे बाद बहाल हुआ चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे
मंडी-कुल्लू मार्ग पर जोगणी मोड़ के पास सोमवार रात लगभग 9:00 बजे पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था। रात को पत्थर गिरने की सूचना मिलते ही पंडोह पुलिस चौकी के प्रभारी अनील कटोच और उनकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने हालात का जायजा लेते हुए दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही को रोक दिया ताकि किसी तरह की जनहानि न हो। इसके कुछ ही मिनटों बाद पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा और पत्थर गिर गए। पुलिस कर्मियों ने अपनी जान हथेली पर रखकर रातभर स्थिति पर निगरानी रखी और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोके रखा। सुबह करीब 5:00 बजे पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी अपनी मशीनरी के साथ मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने का कार्य शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद सुबह लगभग 7:00 बजे हाईवे को बहाल किया गया। पंडोह चौकी प्रभारी अनील कटोच ने बताया कि फिलहाल मार्ग सुचारू है, लेकिन कई स्थानों पर सड़क वनवे है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतें, अपनी लेन में चलें और ओवरटेक करने से बचें।
इतने दिन बरसेंगे बादल, तीन दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट
कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां में 180.2, गुलेर 161.2, घमरूर 112.2, नादौन 78.5, देहरा गोपीपुर 76.2, जोगिंद्रनगर 74.0, कांगड़ा 73.8, भरेड़ी 70.2, पालमपुर 69.0, सुजानपुर टिहरा 66.0 व शिलारू में 54.0 मिलीमीटर बारिश हुई। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में 18 अगस्त तक बारिश का दाैर जारी रहेगा। 12 से 15 और 18 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 16 और 17 अगस्त को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। 12 से 14 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 15 से 18 अगस्त के लिए येलो अलर्ट है। भारी बारिश के कारण ग्राम पंचायत टकोली के निवासी अजय कुमार पुत्र जगदीश चंद्र के मकान की दीवार रात को गिर गई। गनीमत यह रही कि दीवार बाहर की तरफ गिरी, अन्यथा जानमाल का नुकसान हो सकता था। अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है।
मानसून में अब तक 229 लोगों की गई जान
प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 11 अगस्त तक 229 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 323 लोग घायल हुए हैं। 36 लोग अभी भी लापता हैं। इस दाैरान 116 लोगों की सड़क हादसों में माैत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 2,388 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 1,955 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,611 पालतु पशुओं की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 2007 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
चिंतपूर्णी में सड़क से 30 फीट गहने नाले में गिरने से व्यक्ति की मौत
चिंतपूर्णी में पंजाब के एक व्यक्ति की सड़क से 30 फीट नीचे नाले में गिरने से मौत हो गई। मृतक की पहचान लखविंदर सिंह पंजाब जालंधर के रूप में हुई है। हादसा रात का बताया जा रहा, जबकि मंगलवार सुबह किसी ने नाले में पड़े शव को देखा तो चिंतपूर्णी पुलिस को सूचित किया गया। चिंतपूर्णी थाना के एएसआई राजेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक के कपड़ों की तलाशी तो उसमें एक मोबाइल फोन, एक पर्स में 1858 रुपये और कुछ दवाइयों के साथ एक पर्ची भी निकली। पुलिस ने बताया कि व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार था। पैर फिसलने से वह 30 फीट नीचे नाले में जा गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। थाना प्रभारी जयराम शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।
करंट लगने से गोशाला में बंधी गाय की माैत
ऊना उपमंडल के तहत पड़ते गांव चलोला में करंट लगने से गाय की मौत हो गई। पवन कुमार चलोला निवासी ने बताया कि उन्होंने अपनी गाय गोशाला में बांध रखी थी। बारिश के कारण करंट गोशाला में फेल गया। इसी गोशाला में पांच अन्य पशु भी बांध रखे थे लेकिन उन्हें हल्के झटके ही लगे। परिवार ने जब गाय की आवाज सुनी तो गोशाला की ओर दौड़े। वहां देखा तो गाय करंट से तड़प रही थी। परिवार व पड़ोसियों ने जब तक रस्सी काटी, तब तक गाय मर चुकी थी। पवन कुमार के अनुसार एक पेड़ बिजली की तारों पर गिरने से यह हादसा पेश आया।
भूस्खलन से खतरे की जद में दारन गांव
भारी बारिश के कारण हिमाचल में जगह-जगह भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं से भारी नुकसान हो रहा है। बरसात ग्रामीण क्षेत्रों में कहर बरपा रही है और लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रामपुर उपमंडल के दुर्गम दारन गांव में भूस्खलन से जमीन धंसने लगी है। इससे 300 के करीब आबादी पर मंडरा रहा है। ग्रामीण डर के साए में जीने को मजबूर हैं। दारन गांव को जोड़ने वाली सड़क भी धंस चुकी है, जिससे यातायात ठप हो गया है। क्षेत्र में 20 अगस्त के बाद सेब सीजन शुरू होने वाला है और करीब 25 हजार सेब की पेटियों का उत्पादन होता है। बागवानों को सेब फसल को मंडी तक पहुंचाना एक चुनौती बन गया है। वहीं, पंचायत प्रधान त्रिलोक कुमार का कहना है कि दारन गांव के नीचे लगातार हो रहा भूस्खलन चिंता का विषय है। गांव को जोड़ने वाली सड़क ध्वस्त हो गई है। उन्होंने सरकार, प्रशासन और विभाग से जल्द समस्या का समाधान करने की मांग उठाई है।
सेरीपुल और काशापाट सड़क क्षतिग्रस्त होने से बढ़ीं दुश्वारियां
12/20 घाटी को जोड़ने वाली सड़क सेरीपुल में लगातार हो रहे भारी भूस्खलन से धंस रही है। वहीं दुर्गम पंचायत काशापाट सड़क भी पूरी तरह से भूस्खलन की चपेट में है। सड़कों को बहाल करने के लिए तीन पंचायतों के प्रतिनिधिमंडल ने लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह से रामपुर दौरे के दौरान ज्ञापन सौंपा और त्वरित कार्रवाई कर समस्या का समाधान मांगा। काशापाट पंचायत प्रधान पुष्पा सनाटू की अध्यक्षता में भी काशापाट बाधित सड़क को शीघ्र बहाल करने की मांग उठाई है। इस मौके पर मुनिश पंचायत प्रधान भजन दास, कूहल पंचायत प्रधान मीरा देवी, काशापाट पंचायत के वार्ड सदस्य राकेश ठाकुर सहित कई अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।