राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की एक महिला कर्मचारी (शिक्षक) से 3.06 लाख रुपये और बरामद हुए हैं। बीते दिन निजी शिक्षण संस्थान की चेकिंग के दौरान महिला को रंगेहाथ दो लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। रविवार को विजिलेंस ब्यूरो धर्मशाला ने रिश्वत लेने के मामले में संलिप्त तीन शिक्षकों को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को 18 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस रिमांड के दौरान इनसे शिक्षण संस्थानों से ऐंठे गए पैसों के बारे में और खुलासे हो सकते हैं। हालांकि, हिरासत में लिए चौथे कर्मचारी की अभी संलिप्तता नहीं पाई गई है। इसके चलते तीन कर्मियों को ही गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है।
शनिवार को विजिलेंस ब्यूरो ने गगल के एक होटल में निजी शिक्षण संस्थानों की चेकिंग के लिए आए दो शिक्षकों को 11.48 लाख रुपये की राशि सहित गिरफ्तार किया था। इंदौरा के निजी शिक्षण संस्थान से दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए एक अन्य शिक्षिका को गिरफ्तार किया गया था। उसके सामान की तलाशी लेने पर उनसे दो लाख रुपये के अलावा तीन लाख छह हजार रुपये अतिरिक्त बरामद हुए हैं। होटल में पकड़े गए आरोपियों की पहचान संजीव कुमार निवासी अलीगढ़, उत्तर प्रदेश व महिला कर्मी काव्या दुबे निवासी झांसी, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। वहीं, क्षत्रिय कॉलेज ऑफ एजूकेशन इंदौरा में गिरफ्तार महिला कर्मी डॉ. सीमा शर्मा निवासी भवानी नगर मेरठ (यूपी) की है।
निजी शिक्षण संस्थानों के निरीक्षण के लिए आई शिक्षकों की दो विभिन्न टीमों के तीन सदस्यों को 18 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। इंदौरा में निजी शिक्षण संस्थान की चेकिंग पर गए एक शिक्षक व एक शिक्षिका में से शिक्षक की रिश्वत के मामले में कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है, जबकि शिक्षिका को गिरफ्तार करके स्पेशल जज के समक्ष पेश किया गया।
- बलबीर सिंह, एसपी, स्टेट विजिलेंस धर्मशाला