शहर विधान सभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी की घोषणा रोक दी गई है। इसके पीछे क्या कारण है, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। लोग मानकर चल रहे हैं कि विधायक संजीव राजा का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है और 19 जनवरी तक सुनवाई होने की उम्मीद है। प्रत्याशी की घोषण रुकने से शहर विधान सभा क्षेत्र के 28 से अधिक दावेदारों की सांसें अटक गई हैं। एक पुलिसकर्मी से मारपीट के मामले में संजीव राजा को दो साल की सजा एवं 14 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है। इस मामले में संजीव राजा हाईकोर्ट में चले गए हैं। 17 से लेकर 19 जनवरी के बीच इस मामले में सुनवाई होने की उम्मीद है।
शहर विधान सभा क्षेत्र के प्रत्याशी की घोषणा नहीं होने के पीछे इसे प्रमुख कारण माना जा रहा है। हालांकि स्पष्ट रूप से इस संबंध में कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है। यहां के पदाधिकारियों का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व द्वारा अंतिम फैसला लिया जाएगा। पूरे ब्रज क्षेत्र में शहर विधान सभा क्षेत्र ही है, जहां के प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई है। प्रत्याशी घोषित नहीं होने से दावेदारों की बेचैनी जरूर बढ़ गई है। भाजपा में शहर विधान सभा क्षेत्र से सबसे अधिक टिकट के दावेदार हैं।
कौन-कौन हैं दावेदार...
विधायक संजीव राजा के अतिरिक्त पूनम बजाज, आशुतोष वार्ष्णेय, ई. जगमोहन, मनीष राय, डॉ. राजीव अग्रवाल, संजय गोयल, मनोज अग्रवाल, डॉ. विभव वार्ष्णेय, मानव महाजन, यतेंद्र वाईके, राजीव ख्यालीराम, जीतेंद्र जीतू, अनीता जैन, कालीचरण वार्ष्णेय, प्रीति वार्ष्णेय, सुभाष सुभानु, सुशील मित्तल, वीएस पॉल, राकेश साईं, शकुंतला भारती, जयगोपाल वीआईपी, राज अग्रवाल, संगीता वार्ष्णेय, विष्णु भैया, भूपेंद्र वार्ष्णेय आदि।