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न भ्रष्टाचार पर चर्चा, न विकास पर, बस हंगामा

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धर्मशाला के तपोवन में हिमाचल  विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। शुक्रवार को न तो भ्रष्टाचार पर चर्चा हुई और न ही विकास पर। विपक्ष भ्रष्टाचार मामलों से विकास के प्रभावित होने के विषय पर दिए नोटिस पर चर्चा के लिए अड़ा रहा।
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स्पीकर ने कहा कि चर्चा सिर्फ विकास पर ही हो सकती है। भ्रष्टाचार के मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। इससे उखड़े विपक्ष सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। नारेबाजी और हंगामे के चलते प्रश्नकाल भी शुरू नहीं हो सका। शोर-शराबे के बीच ही स्पीकर ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। सत्र के पांचवें एवं अंतिम दिन 11 बजे शुरू हुई सदन की कार्यवाही 11.45 बजे ही स्थगित हो गई।

सदन में जैसे ही स्पीकर प्रश्नकाल का एलान करने लगे तो भाजपा विधायक रविंद्र रवि ने भ्रष्टाचार मामले पर चर्चा की बात उठाई। उन्होंने कहा कि कार्यसूची में विषय को बदल दिया गया है। केवल विकास पर चर्चा की बात की जा रही है। इस पर स्पीकर बृज बिहारी बुटेल ने कहा कि वे सबजुडिस मामलों पर चर्चा को मंजूरी नहीं दे सकते हैं।
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नारेबाजी करते वेल में पहुंचे भाजपा विधायक, प्रश्नकाल भी नहीं हुआ

इस पर सुरेश भारद्वाज और राजीव बिंदल ने कहा कि असल विषय पर चर्चा नहीं करवाई जा रही है। नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि आज नया इतिहास बन रहा है कि स्पीकर खुद ही चर्चा के लिए उस बात को नहीं मान रहे हैं, जिसे उन्होंने मंजूर किया था। यह गलत है। रविंद्र रवि का नोटिस भ्रष्टाचार मामलों के कारण काम बंद होने को लेकर था। संसदीय कार्य मंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि स्पीकर को यह शक्ति है कि वे किसी भी नोटिस को संशोधित कर सकते हैं।

इस पर बुटेल ने चेताया कि हाउस चलाना अब विपक्ष की मर्जी पर है कि वे चलने दें या नहीं। इसी बीच सत्ता पक्ष-विपक्ष के विधायक आमने-सामने हो गए, दस्तावेज लहराए गए। नारेबाजी शुरू हो गई। इसी बीच, भाजपा के विधायक वेल में चले गए और नारेबाजी करते हुए स्पीकर की कुर्सी को घेर लिया। इस पर बुटेल ने सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
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