धर्मशाला के तपोवन में होने वाले विधानसभा के शीत सत्र में अफसरों की फौज कम करने और खर्चे घटाने को सामान्य प्रशासन विभाग ने नई कवायद की है। सभी प्रशासनिक सचिवों तथा विभागाध्यक्षों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि जिन अफसरों के विभागों का शीत सत्र में ठोस बिजनेस है, सिर्फ वही प्रशासनिक सचिव व अफसर धर्मशाला जाएं। प्रशासनिक सचिव ही तय करेंगे कि उनके साथ कौन सा अधिकारी व कर्मचारी धर्मशाला साथ जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अधिकारियों निर्देश जारी कर दिए हैं।
दरअसल, हर साल शीत सत्र के दौरान अफसरों की लंबी चौड़ी फौज धर्मशाला पहुंच जाती थी। इनमें कुछ ऐसे अफसर भी पहुंच जाते थे, जिनका कोई खास काम नहीं होता था। ये अफसर सरकारी खर्च बढ़ाकर घूमते थे। ऐसे में इस बार सरकारी अमला कम कर खर्च घटाने के लिए सरकार के स्तर पर फैसला लिया गया है कि गैर जरूरी अफसर नहीं जाएंगे।
अगर जरूरत पड़ती है तो संबंधित अफसर को एक या दो दिन के लिए बुलाया जाएगा। सभी प्रशासनिक अधिकारियों को कहा गया है कि वह धर्मशाला जाने वाले अफसरों की सूची 5 दिसंबर से पहले मुहैया करा दें, ताकि धर्मशाला में उनके रुकने व आने जाने की व्यवस्था पहले ही की जा सके।