हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीत सत्र के अंतिम दिन शनिवार को विपक्ष ने काले बिल्ले पहनकर सदन में एक दिन पहले लाए गए हिमाचल प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम की स्थापना व सरलीकरण विधेयक-2019 का विरोध किया। सदन में उद्योगों के लिए तीन साल तक एनओसी की शर्त खत्म करने का मुद्दा खूब उछला। वहीं, विधायकों के बर्फ में फंसे होने के कारण सदन की कार्यवाही आधा घंटा देरी से शुरू हुई।
11 बजे की जगह 11:30 बजे बैठक शुरू हुई तो विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने भी कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि सदन की कार्यवाही प्राकृतिक कारण से देरी से शुरू हो पाई। रास्ते में बर्फ होने से विधायकों के पहुंचने में देरी हुई। इसके बाद विधानसभा परिसर में यह सूचना जारी की गई कि बैठक आधा घंटा देरी से शुरू होगी।
कांग्रेस विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में विपक्षी विधायक काले बिल्ले लगाकर सदन में पहुंचे, लेकिन प्रश्नकाल के शुरू में शांति से सदन में बैठे रहे। कांग्रेस विधायक दल के साथ माकपा के एकमात्र विधायक राकेश सिंघा ने भी काला बिल्ला पहनकर सदन की कार्यवाही में भाग लिया। इसके बाद प्रश्नकाल में नोकझोंक होती रही। इसी के साथ शीत सत्र का समापन हो गया। शनिवार को ही सरकार शिमला केे लिए रवाना हो गई।