इस बार सर्दी के सीजन में तपोवन विधानसभा भवन में शीतकालीन सत्र आयोजन के आसार बेहद कम हैं। जयराम सरकार जनवरी महीने के अंतिम में या फरवरी महीने के पहले सप्ताह में बजट सत्र करवाने की तैयारी में हैं। इसके लिए बाकायदा तैयारियों भी शुरू हो गई हैं जबकि, शीतकालीन सत्र की तैयारियों को लेकर अभी तक कोई हलचल नहीं है।
लोकसभा चुनाव के चलते जयराम सरकार मार्च से पहले बजट सत्र करवाने की योजना बना रही है, जिसके लिए सभी विभागों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। सोमवार को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में शीतकालीन सत्र को करवाने को लेकर चर्चा हो सकती है।
उधर, हिमाचल विधानसभा सचिव यशपॉल शर्मा ने कहा कि अभी प्रदेश सरकार की ओर धर्मशाला के तपोवन में शीतकालीन सत्र के बारे में कोई निर्देश नहीं मिले हैं। प्रदेश सरकार जो निर्देश देगी, उसके अनुसार सत्र के आयोजन पर काम किया जाएगा।
खर्च बचाना भी है एक कारण
सूत्रों के अनुसार जयराम सरकार इस बार शीतकालीन सत्र के खर्चे बचाना चाहती है। अगर दिसंबर में तपोवन में शीतकालीन सत्र होगा, तो उसके दो महीने के अंदर जनवरी-फरवरी में बजट सत्र होगा। इसके अलावा धर्मशाला में प्रस्तावित निदेशक सम्मेलन पर भी सरकार को खर्चा करना होगा।
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि सोमवार को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में शीतकालीन सत्र को करवाने को लेकर चर्चा की जाएगी।