पहली बार कई विभागों ने नियमित प्रवेश के साथ पार्ट टाइम पीएचडी के लिए भी मेरिट सूची जारी की है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि सभी चयन अंतिम हैं। स्थायी समिति की मंजूरी मिलने के बाद ही प्रवेश अंतिम माना जाएगा। विभागों ने चयनित अभ्यर्थियों को ऑनलाइन उपलब्ध पीएचडी पंजीकरण प्रपत्र भरकर निर्धारित दस्तावेजों के साथ विभाग में जमा करने के निर्देश दिए हैं। दूसरे विश्वविद्यालयों से स्नातकोत्तर या चार वर्षीय स्नातक करने वाले अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय में पंजीकरण और प्रवासन प्रमाणपत्र संबंधी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
नियमित पीएचडी में ऐसे अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी गई है जो पूर्णकालिक शोध करेंगे। गैर सेवारत अभ्यर्थियों को शपथ पत्र देना होगा कि वे किसी संस्थान में कार्यरत नहीं हैं और विश्वविद्यालय के निर्धारित आवासीय नियमों का पालन करेंगे। पार्ट टाइम पीएचडी पात्र नौकरीपेशा अभ्यर्थियों के लिए है। ऐसे अभ्यर्थियों को अपने नियोक्ता से अनापत्ति प्रमाणपत्र या अध्ययन/अवकाश की अनुमति जमा करनी होगी।
एचपीयू में पहले से पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए पीएचडी पंजीकरण शुल्क 10 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। दूसरे विश्वविद्यालयों से स्नातकोत्तर या चार वर्षीय स्नातक करने वाले अभ्यर्थियों को 12 हजार रुपये जमा करने होंगे। पार्ट टाइम पीएचडी में सुपरन्यूमेरेरी सीट पर चयनित अभ्यर्थियों के लिए 50 हजार रुपये शुल्क तय किया गया है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के विधि अध्ययन संस्थान ने बीएएलएलबी (ऑनर्स) पांच वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम के पहले सेमेस्टर के लिए तीसरी प्रवेश सूची जारी की है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों को 9 जुलाई की मध्यरात्रि तक शुल्क जमा करना होगा। शुल्क जमा न करने पर प्रवेश रद्द हो जाएगा। विश्वविद्यालय ने बताया कि अंतिम योग्यता सूची में बाद में विसंगति पाए जाने पर सुधार संभव है। सब्सिडी वाली श्रेणी के लिए प्रति सेमेस्टर शुल्क 38,790 रुपये है, जबकि गैर सब्सिडी वाली श्रेणी के लिए 58,640 रुपये है। छात्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन शुल्क जमा कर सकते हैं। संवाद