वित्त विभाग के निर्देशों के तहत इस बार जीवन प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। पेंशनरों को जीवन प्रमाण प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना होगा। इससे सत्यापन की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी तथा पेंशनरों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बोर्ड प्रबंधन के अनुसार पेंशनर कॉमन सर्विस सेंटर, लोक मित्र केंद्र, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, डाकघरों और डाकियों की डोर स्टेप सेवा के माध्यम से जीवन प्रमाण-पत्र बनवा सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल फोन में जीवन प्रमाण एप डाउनलोड कर घर बैठे भी डिजिटल सर्टिफिकेट तैयार और जमा किया जा सकता है।
बिजली बोर्ड ने बुजुर्ग और अस्वस्थ पेंशनरों को भी राहत दी है। जो पेंशनर या पारिवारिक पेंशनर गंभीर बीमारी अथवा शारीरिक अक्षमता के कारण डिजिटल प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकते, उन्हें डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता से छूट रहेगी। ऐसे मामलों में संबंधित चिकित्सा अधिकारी या अधिकृत डॉक्टर द्वारा प्रमाणित मैन्युअल जीवन प्रमाण-पत्र स्वीकार किया जाएगा। बोर्ड प्रबंधन ने सभी पेंशनरों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और 1 अक्तूबर से 30 नवंबर के बीच समय रहते अपना जीवन प्रमाण-पत्र सत्यापित करवा लें। किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए संबंधित डीडीओ कार्यालयों से संपर्क किया जा सकता है।