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शिमला: आईपीएस अफसर संजीव गांधी को प्रदेश हाईकोर्ट से राहत, जानें पूरा मामला

Wed, 16 Sep 2026 06:26 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

 मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने माना कि अधिकारी को पदोन्नति मिलने के बाद यह मामला निष्फल हो गया है।
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आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार गांधी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार गांधी को राहत देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने माना कि अधिकारी को पदोन्नति मिलने के बाद यह मामला निष्फल हो गया है। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को 23 जनवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक से पदोन्नत कर पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) बना दिया गया है। अदालत ने माना कि एकल पीठ के फैसले में की गई टिप्पणियों का अधिकारी के सेवा कॅरिअर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है।

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हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि पांच जून 2025 को याचिका पर नोटिस केवल इसी सीमित पहलू पर जारी किया गया था कि क्या एकल पीठ की ओर से मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के दौरान की गई टिप्पणियों से अधिकारी का करियर प्रभावित हो सकता है।अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जब राज्य सरकार ने अधिकारी को पदोन्नत कर दिया है, तो यह स्पष्ट है कि विवादित फैसले की टिप्पणियों को सरकार ने अधिकारी के खिलाफ नहीं माना। इसके चलते यह याचिका अप्रासंगिक हो जाती है। यह मामला एकल पीठ की ओर से मृतक चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत के मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने और उसके दौरान गठित एसआईटी के प्रमुख रहे संजीव कुमार गांधी पर की गई टिप्पणियों से संबंधित था।
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