सियाचिन में उत्तरी ग्लेशियर के पास हुए भारी हिमस्खलन के कारण बर्फ में दबकर हिमाचल का गबरू शहीद हो गया। डोगरा रेजिमेंट में तैनात मनीष ठाकुर (22) सोलन जिले के कुनिहार के दोची के रहने वाले थे। मनीष दो साल पहले सेना में भर्ती हुआ था। मनीष ने चार दिन बाद घर आना था लेकिन मंगलवार को उसकी पार्थिव देह तिरंगे में लिपटकर आएगी। लद्दाख क्षेत्र के सियाचिन ग्लेशियर में बीते सोमवार को जब भारी हिमस्खलन हुआ, उस समय सेना के 6 जवान और दो पोर्टर पेट्रोलिंग कर रहे थे।
करीब 19 हजार फीट की ऊंचाई वाले इस बर्फीले इलाके में हिमस्खलन की चपेट में आकर सभी जवान दब गए। बर्फ में दब चुके इन सैनिकों की खबर समीप की ही एक भारतीय पोस्ट पर तैनात उनके साथियों ने आर्मी मुख्यालय में दी। आर्मी ने तुरंत हेलीकॉप्टर की मदद से राहत कार्य आरंभ किया और सभी को निकालकर सैन्य अस्पताल पहुंचाया, लेकिन छह जवान दम तोड़ चुके थे।
बर्फ में दबे रहने के कारण चार सैनिकों व दो पोर्टरों को बचाया नहीं जा सका। शहीद के पिता रामस्वरूप ठाकुर और माता मीरा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि दादी को अभी भी पोते की शहादत पर यकीन नहीं हो रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शहीद का पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर से बुधवार प्रात: 10 बजे चंडीगढ़ लाया जाएगा। वहां से उनके पैतृक घर पहुंचाया जाएगा।