शिमला में प्रदर्शन करते माकपा नेता।
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वामपंथी पार्टियों के आह्वान पर माकपा ने सोमवार को राजधानी शिमला के कैथू स्थित पेट्रोल पंप के बाहर महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान जनता को जागरूक करने के लिए पर्चे भी वितरित किए गए। पार्टी ने ऐलान किया कि महंगाई के मुद्दे पर 30 जून को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन होंगे। सोमवार को शिमला में हुए प्रदर्शन में माकपा के राज्य सचिव डॉ ओंकार शाद सहित विजेंद्र मेहरा, बाबू राम, चंद्रकांत वर्मा, रमन थारटा, अनिल ठाकुर, किशोरी धटवालिया, विनोद बिरसांटा सहित कई अन्य मौजूद रहे। पार्टी राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद ने कहा कि देश में महंगाई आसमान छू रही है।
कोरोना काल में एक रिपोर्ट के अनुसार 97 प्रतिशत जनता के आय के साधन कम हुए हैं। ऐसे में सरकार को सभी व्यक्तियों को 10 किलो मुफ्त राशन प्रतिमाह देना चाहिए था। डिपुओं में सस्ते राशन की सुविधा मिलनी चाहिए थी। इस समय आयकर मुक्त व्यक्तियों को 7500 रुपये मासिक आर्थिक मदद सुनिश्चचित करनी चाहिए थी। लेकिन सरकार ने कोरोना काल में उपजी भारी बेरोजगारी व गरीबी में जनता पर भारी महंगाई थोप दी।
मई से लेकर अब तक 22 बार पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि हो चुकी है। केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण महंगाई चरम पर पहुंच चुकी है। पिछले महीने की अपेक्षा इस महीने डिपुओं में आटा की मात्रा 14 किलो से घटाकर 11 किलो प्रति कार्ड कर दी गई है। उन्होंने रसोई गैस पर सब्सिडी बढ़ाने की मांग की है।