छात्रों का यह डाटा तीसरी, पांचवीं, आठवीं, नौंवी से 12वीं कक्षा के आधार पर तैयार होगा। अकादमिक बैंक में छात्रों के हर विषय की जानकारी उपलब्ध होगी। जब किसी कंपनी को अपने लिए प्रतिभावान की जरूरत होगी, तो अकादमिक बैंक के जरिये उनकी पहचान करना आसान होगा। इसके साथ ही कंपनी अपनी जरूरत के अनुरूप किसी भी प्रतिभा का चयन कर सकेगी। शिक्षा बोर्ड के सचिव डाॅ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि बोर्ड छात्रों का अकादमिक बैंक बना रहा है। बैंक ‘अपार’ के नाम से होगा। इसमें छात्रों की परख कर उनके क्रेडिट जोड़े जाएंगे। बैंक छात्रों के लिए काॅलेज के दौरान भी जारी रहेगा। इसके माध्यम से कंपनियां अभ्यर्थियों का अपनी सुविधा के अनुसार चयन कर सकेंगी।