फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal: हिमाचल की सेब-सब्जियां अब रेल से पहुंचेंगी देशभर की मंडियों में, शिमला में हुई बैठक में मंथन

Thu, 06 Aug 2026 09:41 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

 शिमला में भारतीय रेलवे, राज्य कृषि विपणन बोर्ड, कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) और किसान-बागवान संगठनों की संयुक्त बैठक हुई।  इसमें रेल परिवहन की संभावनाओं और संचालन व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई। हालांकि किराया और लोडिंग पॉइंट पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है।
विज्ञापन
कालका-शिमला ट्रेन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल की सेब-सब्जियां अब रेल से देशभर की मंडियों में पहुंचेंगी। गुरुवार को शिमला में भारतीय रेलवे, राज्य कृषि विपणन बोर्ड, कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) और किसान-बागवान संगठनों की संयुक्त बैठक हुई। इसमें रेल परिवहन की संभावनाओं और संचालन व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई। हालांकि किराया और लोडिंग पॉइंट पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है। यह बैठक बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में हुई। विपणन बोर्ड के सलाहकार नरेंद्र सिंह ठाकुर और एपीएमसी अध्यक्ष देवानंद वर्मा भी मौजूद रहे। इसमें अंबाला डिविजन के एक वरिष्ठ अधिकारी निशांत नारायण विशेष रूप से मौजूद रहे। इस बैठक में रेल ढुलाई का प्रारंभिक रोडमैप प्रस्तुत किया गया। किसानों और बागवानों ने रेल परिवहन से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया।

विज्ञापन

उन्होंने बार-बार लोडिंग और अनलोडिंग से बढ़ने वाली लागत पर चिंता जताई। बागवानों का कहना था कि यदि सेब और सब्जियां पहले ट्रकों से रेलवे स्टेशन पहुंचेंगी, फिर रेल में लोड होंगी और गंतव्य पर दोबारा वाहनों में उतारकर मंडियों तक ले जाई जाएंगी, तो मजदूरी और परिवहन लागत काफी बढ़ जाएगी। उन्होंने रेलवे से किफायती मालभाड़ा निर्धारित करने का आग्रह किया ताकि किसानों को आर्थिक लाभ मिल सके। रेलवे अधिकारियों ने प्रारंभिक चरण में कालका और चंडीगढ़ से ढुलाई शुरू करने का प्रस्ताव रखा। हालांकि, कृषि उपज मंडी समिति और राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने शिमला या उत्पादन क्षेत्र के निकट ही लोडिंग व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया। अधिकारियों ने सभी सुझावों पर विचार करने का भरोसा दिलाया है।
विज्ञापन

5,500 करोड़ की सेब अर्थव्यवस्था को लाभ
वर्तमान में हिमाचल का लगभग पूरा सेब उत्पादन ट्रकों से ही देशभर की मंडियों तक पहुंचता है। मानसून के दौरान भूस्खलन, सड़क बंद होने और जाम के कारण फल समय पर बाजार तक नहीं पहुंच पाते। इससे गुणवत्ता प्रभावित होती है और बागवानों को नुकसान होता है। रेल परिवहन शुरू होने से बड़ी मात्रा में सेब और सब्जियों की ढुलाई अधिक व्यवस्थित होगी। इससे लंबी दूरी के बाजारों तक कम समय और लागत पर माल पहुंचाने की संभावना बनेगी। यह पहल हिमाचल प्रदेश की करीब 5,500 करोड़ रुपये की सेब अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें