अहमदाबाद में जाइडस लाइफ साइंसेज, टोरेंट फार्मास्युटिकल, कैडिला फार्मा, इंटास फार्मास्युटिकल जैसे नामी कंपनियां वर्षों से जमी हुई हैं। इन कंपनियों को भी हिमाचल में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। हाल ही में उद्योग विभाग ने मुंबई और हैदराबाद में कई उद्योगपतियों के हिमाचल में निवेश करने के लिए बैठक की थी। इसमें 130 नई फार्मा कंपनियों ने हिमाचल में निवेश करने की इच्छा जताई। इस बैठक में भी मैन्युफैक्चरिंग इंडियन ग्रुप, पंजाब, हरियाणा, जम्मू में फार्मा कंपनियों के मालिकों ने भाग लिया। उद्योग विभाग के अधिकारियों ने उन्हें उद्योग लगाने के लिए हर तरह की सहायता देने का आश्वासन दिया।
उद्योग लगाने के लिए जो भी औपचारिकताएं है, वह एक छत के नीचे उपलब्ध कराई जांएगी। इस बैठक में कई उद्योगपतियों ने उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ संपर्क कर उद्योग लगाने की इच्छा जाहिर की है। इससे आगे बढ़ते हुए अब उद्योग विभाग ने फार्मा का गढ़ माने जाने वाले अहमदाबाद में उद्योगपतियों के साथ बैठक करने का फैसला लिया है। उद्योग विभाग की ओर से कंपनियों के साथ बातचीत चल रही है। इनवेस्टर मीट से पहले अगले महीने तक उद्योग विभाग के अधिकारियों की एक टीम अहमदाबाद जा सकती है।
साल के अंत तक 10 हजार लोगों को रोजगार देने का रखा है लक्ष्य
उद्योग विभाग ने इस साल के अंत तक हिमाचल के 10 हजार बेरोजगार युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से उद्योगों में रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। इसके चलते प्रदेश सरकार हिमाचल में ज्यादा से ज्यादा उद्योग स्थापित करने के लिए कंपनियों के साथ संपर्क बनाने में जुटे हैं।