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विजिलेंस ने मांगी रिपोर्ट: दियोटसिद्ध मंदिर में मानदेय मामले की जांच शुरू

Thu, 20 Jan 2022 06:04 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर

सार

मुख्य आयुक्त कार्यालय से प्राप्त सूचना के तहत बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध के न्यासियों को प्रत्येक बैठक में भाग लेने के लिए एक हजार रुपये मानदेय और बस यात्रा भत्ता मिलता है। पिछले 35 वर्षों में लाखों रुपये ट्रस्टियों के मानदेय पर खर्च हो चुके हैं।
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विजिलेंस ने मांगी रिपोर्ट। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर के न्यासियों को लाखों रुपये के मानदेय के भुगतान मामले की जांच शुरू हो गई है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो शिमला की एसपी अंजुम आरा (आईपीएस) ने उपायुक्त एवं मंदिर आयुक्त हमीरपुर देबश्वेता बनिक को पत्र भेजकर मामले की जानकारी मांगी है। आरटीआई एक्टिविस्ट दिनेश शर्मा ने सूचना का अधिकार के तहत प्रदेश के मुख्य आयुक्त (मंदिर) एवं भाषा एवं संस्कृति विभाग से मंदिर न्यासियों को मिलने वाले मानदेय के बारे में सूचना एकत्रित की है।

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मुख्य आयुक्त कार्यालय से प्राप्त सूचना के तहत बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध के न्यासियों को प्रत्येक बैठक में भाग लेने के लिए एक हजार रुपये मानदेय और बस यात्रा भत्ता मिलता है। पिछले 35 वर्षों में लाखों रुपये ट्रस्टियों के मानदेय पर खर्च हो चुके हैं। शिव मंदिर बैजनाथ, चिंतपूर्णी, बज्रेश्वरी सहित हिमाचल की अन्य शक्तिपीठों में न्यासियों को ऐसा वित्तीय लाभ देने की व्यवस्था नहीं है। 

विजिलेंस से पत्र मिलते ही उपायुक्त कार्यालय ने इसे आगामी कार्रवाई के एसडीएम एवं अध्यक्ष बाबा बालकनाथ मंदिर न्यास दियोटसिद्ध स्थित बड़सर को निर्देश दिए हैं। स्टेट विजिलेंस तथा एंटी करप्शन ब्यूरो शिमला को भेजी शिकायत में शिकायतकर्ता दिनेश शर्मा ने विभिन्न मंदिर न्यासों से आरटीआई से जुटाई जानकारियों को आधार बनाकर बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास तथा इसके मनोनीत न्यासियों पर कड़े सवाल उठाए हैं।
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आरोप है कि जब अन्य मंदिर ट्रस्ट मनोनीत न्यासियों को एक पैसा मानदेय नहीं देते तो बाबा बालक नाथ ट्रस्ट किस आधार पर श्रद्धालुओं के चढ़ाए धन को ट्रस्टियों पर लुटा रहा है। पिछले साढ़े तीन साल में 14 लाख 13 हजार 710 रुपये ट्रस्टियों की जेब में गए हैं। यह पैसा रिकवर कर मंदिर के खजाने में जमा होना चाहिए।

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