तृतीय श्रेणी के पदों के लिए मूल्यांकन परीक्षा की शर्त खत्म कर सरकार ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग और अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। इस फैसले के बाद आयोग के माध्यम से विभिन्न विभागों में तृतीय श्रेणी के पदों पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी। सरकार ने गत दिवस कैबिनेट बैठक में तृतीय श्रेणी के पद भरने के लिए मूल्यांकन परीक्षा को खत्म कर दिया है। अब केवल लिखित परीक्षा की मेरिट पर ही मेरिट सूची बनेगी।
हालांकि, वर्ष 2017 में सरकार ने चतुर्थ श्रेणी और तृतीय श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया खत्म की थी तो मेरिट सूची लिखित और मूल्यांकन परीक्षा के आधार पर ही जारी हुई थी। अब अधिसूचना में देखना दिलचस्प रहेगा कि मूल्यांकन परीक्षा खत्म करने की शर्त आगामी समय में होने वाली भर्तियों पर लागू होती है या वर्तमान में जारी भर्तियों में इसे लागू किया जाता है। अगर वर्तमान भर्तियों पर यह निर्णय लागू हुआ तो आयोग मूल्यांकन परीक्षाएं टाल कर केवल लिखित परीक्षाओं की मेरिट सूची ही तैयार करेगा।
21 पोस्ट कोड की लिखित परीक्षाओं का आएगा परिणाम
कर्मचारी चयन आयोग ने गत दिवस कंप्यूटर असिस्टेंट, जूनियर ऑफिसर आईटी और लॉ ऑफिसर समेत 21 पोस्ट कोड की लिखित परीक्षाएं ली थीं। इनका परिणाम अभी घोषित नहीं हुआ है। लैब सहायक और जूनियर ऑफिसर समेत 18 विभिन्न पोस्ट कोड की लिखित परीक्षाओं का परिणाम घोषित करने के बाद मूल्यांकन परीक्षाओं का शेड्यूल जारी किया था। कोरोना के मामले बढ़ने से आयोग ने 24 जनवरी तक मूल्यांकन परीक्षाएं स्थगित की हैं।
मूल्यांकन के दौरान इन बिंदुओं को रखा जाता था ध्यान में
प्रशिक्षण का एक अंक, अनुभव का आधा अंक प्रतिवर्ष, विधवा एवं तलाकशुदा महिला के लिए एक अंक, एकल बेटी एक अंक, बीपीएल के लिए दो अंक, भूमिहीन के लिए एक अंक, दिव्यांग के लिए एक अंक, एनसीसी एवं एनएसएस और स्पोर्ट्स के लिए एक अंक, शैक्षणिक योग्यता के ढाई अंक दिए जाते हैं।
सदस्यों के वेतन-भर्तों पर प्रतिमाह खर्च किए जा रहे लाखों-
साक्षात्कार और मूल्यांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद अब कर्मचारी चयन आयोग के सदस्यों की नियुक्ति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वर्तमान में आयोग में चेयरमैन के अलावा चार पद सृजित हैं। प्रत्येक सदस्य को करीब डेढ़ लाख रुपये वेतन, आवास, गाड़ी और सरकारी वाहन चालक समेत अन्य वित्तीय लाभ मिलते हैं। इस समय चेयरमैन के अलावा तीन सदस्य हैं, जबकि एक पद खाली है। सवाल यह है कि जब भर्ती प्रक्रिया में साक्षात्कार और मूल्यांकन प्रक्रिया खत्म हो चुकी है तो ऐसी क्या मजबूरी है कि सरकार इन सदस्यों हटा नहीं पा रही।
तृतीय श्रेणी के पदों पर होने वाली भर्तियों में मूल्यांकन प्रक्रिया सरकार ने खत्म कर दी है। अभी आयोग के पास अधिसूचना की कॉपी नहीं पहुंची है। अगर मूल्यांकन प्रक्रिया को खत्म करने का निर्णय लागू होता है तो आयोग पूर्व में जारी मूल्यांकन परीक्षाओं का शेड्यूल रद्द कर सकता है।
- डॉ. जितेंद्र कंवर, सचिव, हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर