हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में हिस्टोपैथोजॉली लैब स्थापित होने के दो माह बाद भी मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। स्थापना के दो माह बाद भी कॉलेज प्रशासन इस लैब को शुरू नहीं कर पाया है।
उद्घाटन के इंतजार में लोग इस लैब का लाभ लेेने से वंचित रह रहे हैं, जबकि यहां होने वाली जांच के सैंपल मंडी या शिमला भेजने पड़ रहे हैं। ऐसे में लैब और उपकरण होते हुए भी मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसे में लोगों ने कॉलेज प्रशासन से मेडिकल कॉलेज की लैब का उद्घाटन कर इसे शुरू करने की मांग की है।
हिस्टोपैथोलॉजी लैब में अंग के मांस के टुकड़े की जांच कर उस भाग पर हुई बीमारी का पता लगाया जाता है। विसरा जांच इस लैब में होती है। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ऐसी सुविधा न होने के कारण सैंपल बाहरी अस्पतालों में जांच के लिए भेजे जाते हैं। जहां से रिपोर्ट के लिए भी इंतजार करना पड़ता है।
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ही लैब के शुरू होने से मरीजों के सैंपलों की जांच तुरंत यहीं हो जाएगी। हालांकि अस्पताल में नवंबर माह में इस लैब की मशीनरी और उपकरण आकर स्थापित कर दिए गए हैं, लेकिन लैब को शुरू नहीं किया गया है। इसके बाद कॉलेज प्राचार्य कोरोना संक्रमित हो गई और लैब का उद्घाटन नहीं हो सका है। लोगों में विनोद कुमार, रसील सिंह, अनिल कुमार, सुरेश कुमार ने मांग की है कि इस लैब को शुरू कर हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में ही लोगों को सुविधा दी जाए। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चौहान ने कहा कि जल्द ही लैब का उद्घाटन करवाकर सुविधा दी जाएगी।