सोलन स्थित ई-नाम मंडी बेहतरीन कार्य करने के लिए देश भर की मंडियों में अव्वल रही है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री पुरस्कार-2019 के लिए सोलन मंडी का बेहतरीन व्यवस्था के लिए चयन किया है। यह पुरस्कार सिविल सर्विस दिवस पर 21 अप्रैल को दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रदान किया जाना है। पुरस्कार स्वरूप मंडी को दस लाख रुपये की प्रोत्साहन रशि और प्रशस्ती पत्र मिलेगा। सोलन मंडी ने वर्ष 2019-20 में 91,928 क्विंटल उत्पाद की बिक्री की और कुल 44,89,47,500 रुपये का कारोबार किया।
इस कारोबार से क्षेत्र के कुल 1512 किसानों को सीधा लाभ मिला। मंडी के आधुनिकीकरण पर 187.99 लाख रुपये खर्च करके ई नाम भवन बनाया गया। इसके अलावा जाईका परियोजना मंडी समिति के संसाधनों से 971.90 लाख रुपये व्यय किए जा रहे हैं। राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव सिंह भंडारी ने बताया कि सोलन की ई-नाम मंडी को देश की मंडियों में प्रथम पुरस्कार मिलने से पूरा हिमाचल गौरवान्वित है। इस मंडी से किसानों और बागवानों को काफी लाभ मिला है। सोलन की ई-नाम मंडी में सीजन में सबसे ज्यादा सेब और टमाटर बेचने के लिए किसान और बागवान पहुंचते हैं। शिमला मिर्च, फ्रांसबीन, गोभी, हरी मिर्च, अदरक, लहसुन, ब्रोकली आदि फसलें भी यहां बेची जाती हैं।
वर्ष 2016 से आरंभ की है ई-नाम मंडी योजना
केंद्र ने वर्ष 2016 में ई-नाम मंडी योजना आरंभ की है। इस दौरान सोलन में मंडी आरंभ की गई थी। पहले चरण में हिमाचल में 19 ई-नाम मंडी खुली हैं। इसके पोर्टल में आज तक 5,25,824,44 क्विंटल फसलें बेची गई हैं। इस पोर्टल से किसानों की 22783.2148 लाख क्विंटल फसलों का व्यापार हुआ है। कुल 1,24,258 किसानों और 1976 व्यापारियों का पंजीकरण किया है।