मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (फाइल फोटो)
प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के बंद होने के बाद उसके कर्मचारियों की तैनाती को लेकर सरकार के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है। ट्रिब्यूनल बंद होने के बाद उन्हें हिमाचल सचिवालय में समाहित करने की सुगबुगाहट पर सचिवालय कर्मियों ने तीखी नाराजगी जताई है।
सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने वीरवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुलाकात की। इस दौरान कर्मचारियों ने ट्रिब्यूनल कर्मियों के सचिवालय में तैनाती पर आपत्ति जताई और मांग की कि उन्हें हाईकोर्ट या अन्य कोर्ट में तैनात किया जाए।
शर्मा ने बताया कि पिछली बार जब भाजपा सरकार ने ट्रिब्यूनल बंद किया था तो उस समय सारे कर्मियों को हाईकोर्ट में तैनाती दे दी थी। इस बार हाईकोर्ट की बजाय सचिवालय में उनके विलय की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। कहा कि सरकार चाहे तो उन्हें नए बन रहे 13 कोर्ट में विभिन्न पदों पर लगा सकती हैं। बता दें ट्रिब्यूनल के बंद होने के बाद से वहां विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे 95 कर्मचारी अधर में लटक गए हैं।
कर्मचारियों की मांग पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि किसी का भी अहित नहीं होने दिया जाएगा। इससे पहले कर्मचारियों ने सचिवालय प्रशासन के अधिकारियों और मुख्य सचिव बीके अग्रवाल से भी मुलाकात कर अपनी मांग रखी।