हिमाचल प्रदेश में दो अगस्त से दसवीं से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए खुलने जा रहे स्कूलों में लंच ब्रेक का समय कक्षावार अलग-अलग होगा। स्कूल परिसरों में भीड़ एकत्रित नहीं करने के लिए विद्यार्थियों के आने-जाने के समय में दस से पंद्रह मिनट का अंतर रखा जाएगा। इनके लिए स्कूल आने और वापस लाने की टाइमिंग अलग रखी जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए एसओपी जारी कर दी है। सभी स्कूलों को दो अगस्त से विद्यार्थियों के आने के लिए माइक्रो प्लान बनाने के निर्देश भी जारी किए हैं।
इसके अलावा जिन विद्यार्थियों को स्कूल के समय में बुखार, खांसी जैसे लक्षण दिखेंगे। उनके लिए दो कमरों की व्यवस्था रहेगी। यहां कुछ देर आराम के बाद इन्हें घर भेज दिया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि स्कूलों में दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को एक-एक सीट छोड़कर बैठाया जाएगा। एक कक्षा में अधिक विद्यार्थियों के होने पर शारीरिक दूरी का पालन करते हुए विद्यार्थियों को अलग-अलग कमरों में बिठाकर कक्षाएं लगाई जाएंगी।
फेस मास्क पहनना अनिवार्य रहेगा। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही शिक्षकों और विद्यार्थियों को स्कूल परिसरों में प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खांसी, बुखार और जुकाम की चपेट में आने वाले विद्यार्थियों से स्कूलों में नहीं आने की अपील की गई है। स्कूल प्रिंसिपलों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि शिक्षकों, गैर शिक्षकों, मिड डे मील वर्करों को वैक्सीन की दोनों डोज लगी हो। शिक्षण संस्थानों में कोविड के मामलों पर नजर रखने के लिए जिला स्तर पर उपनिदेशकों की अध्यक्षता में कोविड कोआर्डिनेशन कमेटी बनाई जाएगी। कॉलेजों और स्कूलों में वरिष्ठ प्रवक्ता की अध्यक्षता में इस कमेटी का गठन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दो अगस्त से खुलने वाले स्कूलों में फिलहाल विद्यार्थियों को हाजिरी में छूट दी जाएगी।
हाजिरी को लेकर सख्ती नहीं दिखाई जाएगी। निदेशक ने बताया कि स्कूल-कॉलेजों में शौचालयों की दिन में दो बार सफाई की जाएगी। कक्षाओं और परिसर में रोजाना सैनिटाइजेशन की जाएगी। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में बरसात की छुट्टियां समाप्त होते ही सोमवार से शिक्षकों ने आना शुरू कर दिया है। शीतकालीन स्कूलों में 28 जुलाई से शिक्षकों को हाजिर रहना अनिवार्य होगा।
पांचवीं, आठवीं के विद्यार्थियों को फोन पर मिलेगा समय
दो अगस्त से पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थी परामर्श लेने के लिए स्कूलों में आ सकेंगे। इनकी हाजिरी नहीं लगेगी। इनकी ऑनलाइन कक्षाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। इन विद्यार्थियों को स्कूलों में आने के लिए संबंधित शिक्षकों से फोन पर बात कर आने का समय लेना होगा। स्कूलों में बच्चों की भीड़ जमा न हो, इसके लिए अलग-अलग समय पर इन्हें बुलाया जाएगा।
प्रार्थना सभा, खेलकूद गतिविधियों पर रोक
स्कूलों में प्रार्थना सभा सहित खेलकूद और अन्य गतिविधियों पर रोक रहेगी। स्कूल परिसरों में ऐसी कोई भी गतिविधि नहीं होगी। जिसमें विद्यार्थियोें को एकत्र किया जाए। कोरोना संक्रमण से बचाव को बनाए गए एसओपी का पालन करने के लिए हर कक्षा से दो विद्यार्थियों को नियमों का पालन करवाने की जिम्मेवारी सौंपी जाएगी। स्कूलों को साफ निर्देश दिए गए हैं एसओपी का पालन करें।