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हिमाचल: दिहाड़ी पर काम करने वाले जलवाहक और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के लिए राहत, नियमितीकरण को मंजूरी

Fri, 11 Sep 2026 12:07 PM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

हिमाचल प्रदेश के शिक्षा विभाग ने वर्ष 2026 के लिए पात्र पार्ट टाइम जलवाहकों और दैनिक वेतनभोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के नियमितीकरण को मंजूरी दे दी है। यह स्वीकृति निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने वाले कर्मचारियों को उपलब्ध रिक्त चतुर्थ श्रेणी पदों के विरुद्ध दी गई है। वरिष्ठता और अन्य निर्धारित शर्तों के आधार पर नियमितीकरण होगा। विभाग ने पात्र कर्मचारियों को यथासंभव वर्तमान तैनाती स्थल पर ही नियमित करने के निर्देश दिए हैं।
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हिमाचल प्रदेश सरकार। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के शिक्षा विभाग में वर्षों से पार्ट टाइम जलवाहक और दैनिक वेतनभोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में सेवाएं दे रहे पात्र कर्मियों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 के लिए निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने वाले पात्र पार्ट टाइम जलवाहकों की सेवाओं को नियमित करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही नियमितीकरण के लिए पात्र दैनिक वेतनभोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को भी निर्धारित नियमों के तहत लाभ देने का रास्ता साफ हो गया है।

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शिक्षा विभाग के सचिव की ओर से 10 सितंबर 2026 को जारी पत्र में यह स्वीकृति दी गई है। पत्र का विषय वर्ष 2026 के लिए पार्ट टाइम जलवाहक और दैनिक वेतनभोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की सेवाओं के नियमितीकरण से संबंधित है। विभाग ने यह आदेश उच्च शिक्षा निदेशक, हिमाचल प्रदेश, शिमला-2 को भेजा है।

आदेश के अनुसार नियमितीकरण के लिए पात्र वही पार्ट टाइम जलवाहक होंगे, जिन्होंने निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर ली है। इन कर्मचारियों की सेवाओं को कार्मिक विभाग के 1 अप्रैल 2026 के पत्र में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार नियमित किया जाएगा। नियमितीकरण के लिए उपलब्ध रिक्त चतुर्थ श्रेणी पदों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन पदों में चपरासी-कम-चौकीदार के पद शामिल हैं।
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वरिष्ठता के आधार पर होगा नियमितीकरण
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमितीकरण की प्रक्रिया वरिष्ठता के आधार पर की जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों को सभी निर्धारित नियमों और शर्तों को पूरा करना होगा। यानी केवल सेवा अवधि पूरी करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि नियमितीकरण के लिए लागू अन्य शर्तों का पालन भी जरूरी होगा।

शिक्षा विभाग के इस निर्णय से पात्र कर्मचारियों को अपनी सेवाओं को नियमित करवाने की उम्मीद जगी है। हालांकि, जारी आदेश में नियमित किए जाने वाले कर्मचारियों की कुल संख्या, जिलेवार विवरण और नियमितीकरण की अंतिम तिथि का उल्लेख नहीं है।

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वर्तमान तैनाती स्थल पर ही नियमित करने के निर्देश
आदेश में सरकार ने यह भी कहा है कि पात्र कर्मचारियों को यथासंभव उनके वर्तमान तैनाती स्थल पर ही नियमित किया जाए। इससे कर्मचारियों को नियमितीकरण के बाद भी मौजूदा कार्यस्थल पर सेवाएं जारी रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, नियमितीकरण के बाद किसी कर्मचारी की आगे की तैनाती या स्थान परिवर्तन बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व मंजूरी के नहीं किया जा सकेगा। विभाग ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

उच्च शिक्षा निदेशालय करेगा प्रक्रिया आगे
शिक्षा विभाग की ओर से जारी स्वीकृति उच्च शिक्षा निदेशक को भेजी गई है। अब पात्र कर्मचारियों की वरिष्ठता, सेवा अवधि, उपलब्ध रिक्त पदों और अन्य निर्धारित शर्तों के आधार पर नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है।

यह निर्णय उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो लंबे समय से पार्ट टाइम या दैनिक वेतन के आधार पर शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हालांकि, कितने कर्मचारियों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, यह विभाग की आगे की कार्रवाई और पात्रता निर्धारण के बाद ही स्पष्ट होगा।

आदेश का आधार: शिक्षा विभाग के 10 सितंबर 2026 के पत्र के अनुसार, नियमितीकरण निर्धारित सेवा अवधि, वरिष्ठता, उपलब्ध रिक्त पदों और अन्य लागू शर्तों के अधीन होगा।
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