हमीरपुर से भाजपा प्रत्याशी अनुराग ठाकुर 682692 और उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के रामलाल को 283120 वोट पड़े। यह हिमाचल के इतिहास में अब तक की चारों संसदीय सीटों पर सबसे बड़ी जीत है। शिमला से सुरेश कश्यप को 6,06,183 मत मिले, जबकि धनीराम शांडिल को 2,78,668 मत मिले।
हिमाचल के इतिहास में अब तक की चारों संसदीय सीटों पर सबसे बड़ी जीत है। वर्ष 2014 में भी मोदी लहर में भाजपा ने कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर चारों सीटें जीती थीं। उस वक्त कांगड़ा से भाजपा प्रत्याशी शांता कुमार की 1,70,072 की सर्वाधिक लीड थी।
लोकसभा चुनाव में प्रदेश में 45 प्रत्याशी मैदान में थे। भाजपा प्रत्याशियों से बुरी तरह हारे कांग्रेस उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी अन्य दलों के प्रत्याशी और निर्दलीय अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए। लोकसभा चुनाव में पहली बार सूबे के सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा ने बढ़त हासिल की।
मोदी के आंधी में कांग्रेस के दिग्गज नेता भी अपने गढ़ नहीं बचा पाए। हिमाचल में भाजपा के प्रत्याशियों को कुल मतों के करीब 70 फीसदी वोट पड़े। यह भी नया रिकॉर्ड बना है। चुनाव नतीजों से ऐसा लगता है कि प्रदेश की जनता ने मोदी को एकतरफा जीत दिलाने की मन में ठान रखी थी।