विभाग ने पदोन्नति ऑर्डर में स्पष्ट लिखा है कि जो शिक्षक 20 दिसंबर तक हेडमास्टर के पदों पर संबंधित स्कूलों में ज्वाइन नहीं करेंगे तो उनके पदोन्नति ऑर्डर स्वत: रद्द माने जाएंगे। इसी बीच 31 ऐसे शिक्षक भी हैं, जिनका तबादला जनजातीय और दूरदराज के स्कूलों में हुआ है। लेकिन वह अब अपने गृह जिला को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
प्रदेश उच्चतर शिक्षा विभाग ने टीजीटी एवं प्रोमोटी लेक्चरर से हेडमास्टर बने 31 शिक्षकों को सेवा विस्तार दे दिया है। शिक्षा विभाग ने 3 दिसंबर को प्रदेशभर के विभिन्न स्कूलों में सेवाएं दे रहे 277 टीजीटी और प्रोमोटी स्कूल लेक्चरर की पदोन्नति सूची जारी की थी। इन टीजीटी और प्रोमोटी स्कूल लेक्चरर को वरिष्ठता के आधार पर विभाग ने स्कूल हेडमास्टर के पद पर पदोन्नत किया।
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खास बात यह है कि विभाग ने पदोन्नति ऑर्डर में स्पष्ट लिखा है कि जो शिक्षक 20 दिसंबर तक हेडमास्टर के पदों पर संबंधित स्कूलों में ज्वाइन नहीं करेंगे तो उनके पदोन्नति ऑर्डर स्वत: रद्द माने जाएंगे। इसी बीच 31 ऐसे शिक्षक भी हैं, जिनका तबादला जनजातीय और दूरदराज के स्कूलों में हुआ है। लेकिन वह अब अपने गृह जिला को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
इन 31 शिक्षकों में सबसे अधिक 10 शिक्षक ऊना जिला से संबंधित हैं। जबकि शेष कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर और मंडी से हैं। अधिकतर शिक्षकों ने अपने राजनीतिक संबंधों का इस्तेमाल करते हुए निदेशालय से एक माह सेवा विस्तार हासिल कर लिया। इसके साथ ही अपने गृह क्षेत्र व साथ में सटे जिलों में हेडमास्टर की खाली सीटों या एक माह के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले हेडमास्टरों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है, जिससे सीट खाली होते ही वह निकटवर्ती स्कूलों में ज्वाइन कर सकें।
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सेवा विस्तार हासिल करने के लिए कुछ शिक्षकों ने अपने खराब स्वास्थ्य और कुछेक ने अपने परिवार की खराब स्थिति का हवाला दिया है। इससे पूर्व भी जब प्रदेश भर में शिक्षकों के तबादलों पर रोक लगी थी तो कुछेक शिक्षकों के तबादला आदेश जारी कर शिक्षा विभाग हंसी का पात्र बना था।
इसके अलावा कई शिक्षक लंबे समय से उपनिदेशक कार्यालयों में ही तैनात हैं। उधर, उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने कहा कि 277 टीजीटी और प्रोमोटी लेक्चरर की हेडमास्टर के पद पर पदोन्नति हुई है। गंभीर वास्तविक कारणों के चलते 31 शिक्षकों को सेवाविस्तार दिया गया है।