हिमाचल प्रदेश में कोरोना महामारी की स्थिति में सुधार के चलते राज्य सरकार ने सांस्कृतिक, राजनीतिक और किसी भी कार्यक्रम में 50 फीसदी क्षमता की मौजूदगी की बंदिश को हटा दिया है। अब जितने लोग कार्यक्रमों में शामिल होना चाहें, हो सकते हैं। हालांकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देश लागू रहेंगे। इसमें मास्क लगाना अभी भी अनिवार्य होगा। मास्क न लगाने पर पहले की तरह ही जुर्माना लगेगा।इस संबंध में सभी विभागों के सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और जिला उपायुक्तों को पत्र भेज दिया है।
राज्य के प्रधान सचिव राजस्व और राज्य कार्यकारिणी कमेटी के सदस्य सचिव ओंकार शर्मा ने इस संबंध में शुक्रवार को आदेश भी जारी कर दिए हैं। इन आदेशों में कहा गया है कि प्रदेश में कोराना की स्थिति मे तेजी से सुधार को देखते हुए निर्णय लिया है कि कोविड को लेकर लगाई आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत बंदिशों को लागू करने की कोई जरूरत नहीं है। इन आदेशों में लिखा है कि जिला प्रशासन कोविड की स्थिति पर स्थानीय स्तर पर बराबर निगरानी रखेगा और जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग के समय-समय पर जारी सुझावों को सख्ती से लागू करना होगा।
प्रार्थना सभाओं पर फिलहाल रोक
इसके अलावा प्रदेश के स्कूलों में प्रार्थना सभाओं के आयोजन पर भी फिलहाल अभी रोक जारी रहेगी। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बनाए कई नियमों के समाप्त होने के बावजूद प्रार्थना सभाएं अभी भी नहीं होंगी। 20 अप्रैल के बाद इसको लेकर शिक्षा विभाग फैसला लेगा।
पहले यह थी बंदिशें
प्रदेश में खेल, शैक्षणिक, मनोरंजन, सांस्कृतिक, राजनीतिक गतिविधियों में लोगों की मौजूदगी पर शर्तें लागू थीं। इन गतिविधियों के लिए इंडोर में 50 फीसदी क्षमता के साथ अधिकतम 100 लोगों की मौजूदगी और आउटडोर में क्षमता के 50 फीसदी और अधिकतम 300 लोगों के ही एकत्र होने की अनुमति थी। केंद्र सरकार की ओर से आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रतिबंध समाप्त करने पर प्रदेश में लगी यह बंदिश खत्म हो गई।