हिमाचल प्रदेश सरकार इस वर्ष 2.49 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बोर्ड को अपने हिस्से की बिजली बेचेगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने दरें तय कर दी हैं। बिजली बोर्ड को 555 मिलियन यूनिट बेचकर सरकार को 138 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है। 31 मार्च 2022 तक बिजली बेची जाएगी। बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष प्रति यूनिट में पांच पैसे की बढ़ोतरी हुई है।
हिमाचल प्रदेश सरकार इस वर्ष 2.49 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बोर्ड को अपने हिस्से की बिजली बेचेगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने दरें तय कर दी हैं। बिजली बोर्ड को 555 मिलियन यूनिट बेचकर सरकार को 138 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है। 31 मार्च 2022 तक बिजली बेची जाएगी। बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष प्रति यूनिट में पांच पैसे की बढ़ोतरी हुई है।
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प्रदेश में स्थापित विभिन्न बिजली परियोजनाओं से सरकार को अपने कोटे की निशुल्क बिजली मिलती है। बीते वर्ष सरकार ने 2.44 रुपये प्रति यूनिट की दर से बोर्ड को बिजली बेची थी। नियामक आयोग ने इस वर्ष के लिए नई दरें करते हुए इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
हिमाचल सरकार की पावर प्रोजेक्टों में हिस्सेदारी होने के नाते यह बिजली निशुल्क मिलती है। सरकार को प्रदेश में बिजली उत्पादन कर रहे 60 छोटे-बड़े प्रोजेक्टों से रॉयल्टी के तौर पर निशुल्क बिजली मिलती है। सभी पावर प्रोजेक्टों से कुल 555.90 मिलियन यूनिट बिजली सरकार को निशुल्क मिलेगी।