मांगों को लेकर दो दिन से हड़ताल पर चल रहे 1081 ग्राम रोजगार सेवकों को प्रदेश सरकार ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। काम पर लौटने की चेतावनी के बावजूद ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने पर शनिवार को सरकार ने बर्खास्तगी के आदेश जारी कर दिए।
ग्रामीण विकास विभाग का कहना है कि अब इनके स्थान पर नए सिरे से ग्राम सेवकों की भर्ती होगी। इस बीच, ग्राम रोजगार संघ के प्रदेशाध्यक्ष शिवराज ठाकुर का कहना है कि सभी कर्मचारी हड़ताल के फैसले पर अडिग और एकजुट हैं।
संघ सरकार के फैसले के खिलाफ सोमवार को कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। बता दें कि ग्राम रोजगार सेवकों को 7000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है जबकि वे समान काम, समान वेतन की मांग उठा रहे हैं।