चुनावी वर्ष में राज्य विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेशवासियों को वर्ष 2022-23 के लिए महंगी बिजली का झटका नहीं दिया है। नियामक आयोग की ओर से बीस पैसा प्रति यूनिट बढ़ाई गई दरों का भुगतान प्रदेश सरकार करेगी। उपभोक्ताओं पर इसका बोझ नहीं पड़ेगा। इसके लिए बिजली बोर्ड को 500 करोड़ की जगह सरकार 750 करोड़ रुपये सब्सिडी देगी। औद्योगिक इकाइयों को दी जाने वाली बिजली के लगातार तीसरे वर्ष भी दाम नहीं बढ़ाए हैं।
गोसेवा आयोग से पंजीकृत गोसदन और गो अभ्यारणों से 30 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली शुल्क लिया जाएगा। इससे पहले इनसे घरेलू दरों पर एक रुपये या इससे ज्यादा बिजली शुल्क लिया जाता था। आयोग ने कृषि दरों को ही इन पर भी लागू करने का फैसला लिया है। इसके अलावा प्रदेश में रक्षा बलों द्वारा दी जा रही सेवाओं को देखते हुए राज्य के भीतर रक्षा प्रतिष्ठानों से घरेलू दरों पर बिजली शुल्क लिया जाएगा। इससे पहले थोक दरों पर इनसे शुल्क लिया जाता था। वहीं डिफेंस कैंटोनमेंट एरिया में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से वाणिज्यिक दरों पर बिजली शुल्क लिया जाएगा।
अप्रैल से प्रतिमाह 60 यूनिट बिजली खपत पर घरेलू उपभोक्ताओं को बिल जारी नहीं होंगे। 125 यूनिट की खपत करने वालों को एक रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल आएंगे। सरकार की इस घोषणा को भी आयोग ने मंजूरी दी है। बुधवार को राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वर्ष 2022-23 के लिए बिजली का टैरिफ जारी कर दिया है। आयोग ने वर्ष बिजली बोर्ड की राजस्व जरूरतों को 5730.02 करोड़ रुपये आंका है।
5.70 रुपये प्रति यूनिट की दर से चार्ज होंगे इलेक्ट्रिक वाहन
प्रदेश में 5.70 रुपये प्रति यूनिट की दर से इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज होंगे। नियामक आयोग ने इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशनों के लिए पहली बार अलग से टैरिफ तय किया है। पूरे देश में हिमाचल प्रदेश ने इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के शुल्क को सबसे कम रखा है।
प्री पेड मीटर उपभोक्ताओं को तीन फीसदी छूट
प्री पेड बिजली मीटर लगाने वाले उपभोक्ताओं को एनर्जी शुल्क मेें तीन फीसदी की छूट दी जाएगी। इन उपभोक्ताओं के लिए बिजली टैरिफ घरेलू उपभोक्ताओं वाला ही रहेगा।
घरेलू उपभोक्ताओं पर लागू होंगी ये दरें
स्लैब यूनिट दर प्रति यूनिट (रुपये में)
लाइफलाइन 0-60 शून्य
एक 0-125 1.00
दो 126-300 3.95
तीन 300 से अधिक 5.00