सरकार ने एसआरटी पर लगाया पांच फीसदी सेस अब रिबेट में बदल दिया है। यही नहीं एक साथ टोकन टैक्स जमा करवाने वाले वाहन चालकों को मिलने वाली छूट जो कुछ दिनों से बंद कर दी थी। उसे दोबारा बहाल कर दिया है। अमर उजाला में 24 मार्च को प्रकाशित हुए समाचार के बाद परिवहन विभाग हरकत में आया और वसूली पर रोक लगा दी है।
इससे पहले प्रदेश सरकार ने गुड्स टैक्स को परिवहन विभाग के अधीन कर उसे एसआरटी में बदल दिया है, लेकिन इस टैक्स पर पांच फीसदी सेस लगा दिया था। पहले छह चक्के वाले ट्रक पर 6000 रुपये और दस टायर वाले ट्रक पर दस हजार रुपये गुड्स टैक्स लगता था, लेकिन सरकार इस टैक्स को एसआरटी का नाम देकर उसे परिवहन विभाग के अधीन कर दिया। सरकार ने गुपचुप इस पर पांच फीसदी सेस लगा दिया।
जिससे छह टायर वाले ट्रक पर 300 रुपये और 10 टायर वाले ट्राले पर पांच सौ रुपये सीधा टैक्स बढ़ा दिया। यही नहीं 15 अप्रैल से पहले प्रति ट्रक 2500 रुपये टोकन टैक्स जमा कराने वाले को 125 रुपये की छूट दी जाती थी, लेकिन अब वह भी बंद कर कर उसे भी सेस का नाम दिया था।
मंगलवार को जब कुछ ट्रक संचालक अपना एसआरटी टैक्स और टोकन टैक्स भरने लगे तो उन्हें यह पांच फीसदी सेस और टोकन टैक्स पर मिलने वाले छूट को रिबेट में दिखाया गया। जिससे प्रदेश भर के ट्रक संचालकों ने राहत की सांस ली है। दून भाजपा के उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार कौशल ने सरकार छूट जारी रखने पर सरकार का आभार जताया है।
आरटीओ राम प्रकाश ने बताया कि पहले जो सेस शो हो रहा था अब वह रिबेट रहा है। यह टैक्स सरकार की ओर से लिए जाते है‘। यह मामला उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर का है। वह न तो उसे कम कर सकते हैं और न ही बढ़ा सकते हैं। अब तो टैक्स भी ऑनलाइन जमा होते हैं।