हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 31 मार्च तक मिड-डे मील नहीं पकेगा। हमीरपुर के एक स्कूल में मिड-डे मील वर्कर के कोरोना पॉजिटिव होने पर मंत्रिमंडल ने यह फैसला लिया है। अब पहले की तरह पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को राशन ही दिया जाएगा। भोजन बनाने पर आने वाले खर्च का पैसा अभिभावकों के बैंक खाते में डाला जाएगा।
प्रदेश के ग्रीष्मकालीन स्कूल एक फरवरी से खुलने के साथ पांचवीं और आठवीं कक्षा के बच्चों को मध्याह्न भोजन देने का फैसला लिया गया था। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए एसओपी भी जारी किया था। इसके बाद जिला हमीरपुर के डिडवीं स्कूल में एक मिड-डे मील वर्कर की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
इस वर्कर ने भोजन पकाकर कई विद्यार्थियों को परोसा था। मामला सामने आने के बाद प्रदेश में हड़कंप मच गया था। इसे देखते हुए प्रदेश मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को 31 मार्च तक सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील नहीं बनाने का फैसला लिया है।